जुलाई माह में सरसों तेल तो दूर उपभोक्ताओं को रिफाइंड का कोटा भी नहीं मिल पाया। उपभोक्ता आधा-अधूरा राशन का कोटा लेकर डिपुओं से लौट रहे हैं। उपभोक्ताओं को मजबूरन बाजार से महंगे दामों में सरसों तेल और रिफाइंड खरीदना पड़ रहा है।
डिपुओं में इस माह से सरसों का तेल मिलना था। करीब डेढ़ साल से सरसों तेल की जगह रिफाइंड ही मिल रहा है। हालांकि, सरसों तेल के चक्कर में उपभोक्ताओं को रिफाइंड से भी वंचित होना पड़ रहा है।
जिला भर में सिविल सप्लाई कारपोरेशन के कुल आठ गोदाम और 292 डिपुओं में राशन सप्लाई होती है। हालांकि दालों, चीनी, आटा और चावल की सप्लाई तो डिपुओं में पहुंच गई है, लेकिन सरसों तेल और रिफाइंड अब तक गोदामों में नहीं पहुंच पाया है।
अधिकतर डिपोधारकों ने जुलाई माह का राशन कोटा उठा लिया है। डिपुओ में सरसों तेल और रिफाइंड का कोटा न मिलने से डेढ़ लाख राशनकार्ड धारकों को परेशानी हो रही है।
खाद्य आपूर्ति निगम के एरिया मैनेजर आरके सूद का कहना है कि अभी गोदामों में सरसों तेल और रिफाइंड की सप्लाई नहीं आई है। सप्लाई आते ही डिपुओं को आपूर्ति कर दी जाएगी।