बड़सर (हमीरपुर)। बड़सर बस अड्डे के निर्माण के लिए पहले से चिह्नित भूमि का प्रस्ताव निरस्त होने के पांच माह बाद भी हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) नई जमीन का चयन नहीं कर पाया है। इससे बस अड्डे के निर्माण के लिए स्वीकृत दो करोड़ रुपये के बजट के उपयोग को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि समय रहते नई भूमि का चयन नहीं हुआ तो चालू वित्त वर्ष में स्वीकृत बजट के दूसरी परियोजना में स्थानांतरित होने या लैप्स होने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों राकेश कुमार, प्रताप सिंह, अर्जुन सिंह, राजकुमार और चमन लाल ने चिंता जताई है कि बस अड्डे का निर्माण समय पर शुरू नहीं होने से क्षेत्र लंबे समय से लंबित इस परियोजना से वंचित रह सकता है। उनका कहना है कि मार्च में स्वीकृत बजट का उपयोग इसी वित्त वर्ष में किया जाना है।
वर्ष 2020 में स्थानीय लोगों ने बस अड्डे के निर्माण के लिए 24 कनाल भूमि दान में दी थी, लेकिन तकनीकी कमियां सामने आने पर निरीक्षण के बाद उस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से एचआरटीसी नई भूमि की तलाश में जुटा है, लेकिन अब तक उपयुक्त स्थान तय नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अड्डा बनने से मैहरे बाजार में सड़क किनारे बसों के खड़े होने की समस्या समाप्त होगी और बाजार में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। उनका यह भी कहना है कि यदि अब किसी अन्य स्थान पर भूमि का चयन किया जाता है तो परियोजना की लागत बढ़ सकती है। वहीं, यदि स्वीकृत बजट दूसरी परियोजना में चला गया तो भविष्य में नए बजट की स्वीकृति प्राप्त करना आसान नहीं होगा।
बस अड्डे के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध है। जल्द ही उपयुक्त भूमि का चयन कर लिया जाएगा। बजट को लैप्स नहीं होने दिया जाएगा। यदि अतिरिक्त बजट की आवश्यकता पड़ी तो उसका भी प्रावधान किया जाएगा।
- राजकुमार पाठक, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी मंडल, हमीरपुर