हमीरपुर। जिला आयुष अस्पताल हमीरपुर में कप थैरेपी की सुविधा की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना जिला आयुष अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, इस थेरेपी के लिए अन्य आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
मरीज सुनैना, विद्या, लक्ष्मी, सलोचना, विवेक आदि का कहना है कि अगर कपिंग थेरेपी की सुविधा जिला आयुष अस्पताल में भी मिलती है तो उन्हें अन्य सेंटरों का सहारा नहीं लेना पड़ता। मरीजों के अनुसार, अस्पताल में पंचकर्मा की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कप थेरेपी के लिए विशेषज्ञों की कमी है।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलीप ठाकुर ने बताया कि कपिंग थेरेपी की सुविधा मरीजों को दी जाती है, लेकिन विशेषज्ञों की ट्रांसफर के कारण यह सुविधा हमेशा उपलब्ध नहीं हो पाती। जिला में इस समय केवल तीन विशेषज्ञ हैं, जो कपिंग थेरेपी में पारंगत हैं। विशेषज्ञों की कमी और उनके ट्रांसफर के कारण मरीजों को बार-बार अन्य सेंटरों का दौरा करना पड़ता है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं।
कप थेरेपी एक सुरक्षित और प्रभावी पद्धति है जो प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। इसके अनेक लाभों के कारण, यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। हालांकि, इसे किसी प्रशिक्षित और प्रमाणित चिकित्सक से ही कराना चाहिए, ताकि संभावित जोखिमों से बचा जा सके। आयुष अस्पतालों में इस प्रकार की सुविधाएं प्रदान करके मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिससे उनका जीवन स्तर और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हो सके।
कप थैरेपी के लाभ
दर्द में राहत: कप थैरेपी का मुख्य लाभ जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द, और मांसपेशियों के दर्द में राहत है। सक्शन से रक्त प्रवाह बढ़ता है और प्रभावित क्षेत्र में ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार होता है।
सूजन में कमी:
यह थेरेपी सूजन और सूजन संबंधित समस्याओं को कम करने में मदद करती है।
रक्त प्रवाह में सुधार:
कपिंग थेरेपी से रक्त प्रवाह में सुधार होता है, जिससे शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बढ़ती है।
तनाव में राहत: कप थैरेपी मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करती है। इससे शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है।