दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के तहत कुढ़ार-दियोटसिद्ध सड़क के 24.5 किलोमीटर मार्ग के विस्तारीकरण और सुधार कार्य पर 27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नाबार्ड के तहत स्वीकृत इस प्रोजेक्ट में सड़क को पांच मीटर तक चौड़ा किया जाएगा।
सड़क पर डंगों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटकर दो ठेकेदारों को काम सौंपा गया है। कुढ़ार से डुगाड़ और कुढ़ार से दियोटसिद्ध तक के हिस्से का निर्माण अलग-अलग ठेकेदार करेंगे।
दोनों को कार्य एक वर्ष में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण पूरा होने के बाद पांच वर्ष तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित ठेकेदारों की होगी।
सड़क चौड़ीकरण के लिए कटिंग, सोलिंग, वायरिंग और टारिंग का कार्य किया जाएगा। जरूरत के अनुसार रिटेनिंग वॉल और पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे। जल निकासी के लिए आवश्यक स्थानों पर नई पुलियों का निर्माण भी होगा, जिससे बरसात में सड़क को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।
करीब दो वर्ष पहले सड़क की कटिंग और प्रोटेक्शन का काम शुरू हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद कार्य रुक गया। अब नाबार्ड से 27 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद काम दोबारा गति पकड़ रहा है।
दियोटसिद्ध उत्तर भारत की प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शामिल है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या उन लोगों की होती है, जो माता चिंतपूर्णी और ज्वालाजी के दर्शन के बाद दियोटसिद्ध पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क के चौड़ीकरण और सुधार से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी सुगम सफर की सुविधा मिलेगी।
कोट :
ठेकेदारों को एक वर्ष के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करेंगे। निर्माण में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार को उसे ठीक करने के निर्देश दिए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद पांच वर्ष तक सड़क की मेंटेनेंस भी ठेकेदारों को करनी होगी।
-डीसी ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बड़सर