ग्राम पंचायत जजरी के गांव जजरी की कृष्णी देवी मशरूम की खेती की देखभाल करते हुए। संवाद
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत जजरी की कृष्णी देवी ने मशरूम की खेती को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर अपनी आर्थिकी मजबूत करने की पहल की है। आरसेटी हमीरपुर से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने करीब 50 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया।
तीन माह में इससे उन्हें 23 हजार रुपये की आय हुई। इसके बाद उन्होंने 70 और बैग लगा लिए, जिससे उनकी आय 33 हजार रुपये तक पहुंच गई। कम लागत और सीमित स्थान में मिली सफलता से उत्साहित कृष्णी देवी ने मशरूम उत्पादन को बड़े स्तर पर करने का निर्णय लिया है।
इसके लिए उन्होंने घर में अलग से दो कमरे तैयार किए हैं और अब एक साथ करीब 200 बैग लगाने की तैयारी कर रही हैं। कृष्णी देवी के अनुसार प्रशिक्षण से उन्हें मशरूम उत्पादन और देखभाल की प्रक्रिया की जानकारी मिली।
उपलब्ध संसाधनों के आधार पर शुरू किए गए काम से मिली शुरुआती आय ने उन्हें इसे नियमित स्वरोजगार के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उनका प्रयास है कि उत्पादन बढ़ने के साथ आय में भी वृद्धि हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के साथ स्वरोजगार तलाश रही महिलाओं के लिए कृष्णी देवी की पहल एक उदाहरण बन सकती है।