जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में प्रसव दौरान बच्चे की मौत का मामला गर्माने के बाद अब साथ लगते दूसरे निजी अस्पताल पर भी जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। इस अस्पताल में भी गर्भवती का प्रसव करवाया लेकिन उपचार में कोताही से महिला की दोनों किडनियां एक साथ फेल हो गईं। पीड़ित को हमीरपुर से पीजीआई रेफर किया जा चुका है, जहां उसका डायलिसिस हो रहा है।
परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल पर उपचार में कोताही बरतने के आरोप लगा जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को शिकायत पत्र सौंप कर मामले की उच्च स्तरीय जांच की गुहार लगाई है। परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार को भेजी शिकायत में कहा कि गर्भ धारण पर महिला का हमीरपुर के प्राइवेट अस्पताल में रूटीन चेकअप होता था।
21 जून 2016 को अस्पताल में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल में डॉक्टरों की लिखीं दवाएं मरीज को दीं। कुछ समय बाद महिला की तबीयत खराब हो गई। चेकअप के बाद पता चला कि महिला की दोनों किडनियों में खराबी आ गई है। इसके बाद उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। वर्तमान में महिला का पीजीआई में डायलिसिस हो रहा है।
इस मामले की जांच बीएमओ सुजानपुर कर रहे हैं, जबकि उनसे पहले जिला स्वास्थ्य अधिकारी हमीरपुर जांच कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले हो चुकी जांच में निजी अस्पताल के चिकित्सकों की कोताही की बात सामने आ चुकी है। हमीरपुर के दूसरे प्राइवेट अस्पताल में गर्भवती महिला के सीजेरियन के दौरान एक बच्चे की मौत हो चुकी है और बेटी की आंखों की रोशनी जा चुकी है।
एसडीएम हमीरपुर (आईएएस) अरिंदम चौधरी ने कहा कि दोनों प्राइवेट अस्पतालों की जांच चल रही है। शीघ्र जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ हमीरपुर डॉ. सावित्री कटवाल ने कहा कि गर्भवती महिला की किडनी फेल होने वाले मामले की जांच के लिए विभाग ने बोर्ड गठित किया है। मामले की जांच चल रही है। वहीं बच्चे की मौत मामले की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।
बीएमओ सुजानपुर डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि किडनी फेल होने वाले मामले की जांच का जिम्मा सीएमओ ने उन्हें सौंपा है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी।