एक साल पहले टूटी सिंचाई कूहल की नहीं ली जा रही सुध
29 लाख रुपये किया गया है कूहल का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
जाहू(हमीरपुर)। केंद्र सरकार की वित्त पोषित वाटरशेड परियोजना के तहत करीब 29 लाख से निर्मित कूहल से किसानों को अभी तक सिंचाई सुविधा नहीं मिली है। भलवानी नाले में आई बाढ़ की बजह से एक वर्ष पहले कूहल का कुछ हिस्सा टूट गया है। इससे अब करीब 1400 कनाल कृषि योग्य भूमि तक कूहल का पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे किसानों में रोष है। उपमंडल भोरंज की जाहू पंचायत चारों ओर से खड्डों के घिरी हुई है। यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी ही है। वाटरशेड परियोजना के तहत चैंथ खड्ड से करीब 728 मीटर लंबी और चार फीट चौड़ी और दो फीट ऊंची कूहल का निर्माण पंचायत ने एक वर्ष पहले पूरा किया है।
इस कूहल से भलवानी नाले और चैंथ खड्ड के पानी को खेतों तक पहुंचाया जाना था, लेकिन कूहल के टूटने के बाद खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे किसान बारिश के पानी पर आश्रित हो गए हैं। चैंथ खड्ड से लेकर डोहग-हौड बरगद पेड़ तक की भूमि खेतीबाड़ी के लिए काफी उपयुक्त है। सिंचाई सुविधा के अभाव से किसानों को कृषि योग्य भूमि का लाभ नहीं मिल रहा है। जाहू पंचायत प्रधान अनुराधा शर्मा ने कहा कि जाहू पंचायत में करीब 29 लाख रुपये की लागत से कूहल का निर्माण किया है लेकिन पिछली बरसात में भलवानी नाले में आई बाढ़ की बजह से कूहल का कुछ हिस्सा टूट गया है। इसके बारे में खंड विकास अधिकारी कार्यालय भोरंज को पंचायत ने प्रस्ताव पारित करके कूहल की मरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाने की मांग की है। कूहल से करीब 1400 कनाल भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। यह भूमि धान की खेती के लिए काफी उपयुक्त है।