हमीरपुर। बस अड्डा हमीरपुर के बहुचर्चित खोखों को सबलेट करने के मामले की तफ्तीश शुरू हो गई है। अब असली और नकली खोखाधारकों का शीघ्र पर्दाफाश होगा। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद वेरिफिकेशन और जांच का कार्य शुरू हुआ है। इस कड़ी में असली मालिकों की पहचान नगर परिषद ने फिर शुरू कर दी है। सबलेटिंग की शिकायतों के बाद यह मुहिम छेड़ी गई है। जांच में आठ फर्जी मालिक नगर परिषद की रडार पर आए हैं। नगर परिषद ऐसे खोखा मालिकों की लिस्ट तैयार करने में जुट गया है, ताकि उनके खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
वीरवार को नगर परिषद की टीम ने सभी 58 खोखाधारकों का निरीक्षण किया। खोखे पर कौन-कौन काम कर रहा है, उनके नाम-पते लिखे गए। निगम की जांच में आठ खोखा मालिक रडार पर आए हैं। इन खोखों के मालिक या तो मर गए हैं या फिर उन्होंने दूसरों को यह खोखे सबलेट कर रखे हैं। नगर परिषद ने ऐसे खोखा मालिकों की लिस्ट तैयार करना शुरू कर दी है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
नगर परिषद हमीरपुर ने पिछले दिनों खोखा मार्केट में चल रहे 58 दुकानदारों को नोटिस जारी किए थे। उसके बाद दुकान मालिकों ने बाजार में विरोध रैली निकाली थी और जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी प्रेषित किया था। जबकि, जिला प्रशासन की तरफ से इन दुकानदारों को सात दिन का अल्टीमेटम देकर दुकानें खाली करने के आदेश दिए गए थे।