हमीरपुर। विद्यार्थियों की नवाचार और तकनीकी प्रतिभा को मंच देने की पहल फिलहाल सरकारी मंजूरी के इंतजार में अटकी है।
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर की ओर से इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के तहत भेजे गए प्रोजेक्ट को करीब डेढ़ साल बाद भी भारत सरकार के शिक्षा विभाग से स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
मंजूरी मिलते ही जिले के पांच पीएम श्री स्कूलों के विद्यार्थियों को नई तकनीक, एआई और कोडिंग जैसे आधुनिक कौशल से जोड़ने की योजना है। इसके तहत हमीरपुर स्कूल, केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर, लंबलू, भोटा और चबूतरा खास को शामिल किया गया है।
तकनीकी विशेषज्ञ विद्यार्थियों को नवाचार की बारीकियां सिखाएंगे और उन्हें तकनीकी समस्याओं के समाधान से लेकर नए प्रोजेक्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
आईआईसी के माध्यम से स्कूलों में ऐसी नवाचार संस्कृति विकसित करने की योजना है, जिसमें विद्यार्थी समस्या की पहचान कर उसका तकनीकी समाधान खोज सकें। एआई, कोडिंग और नई तकनीक के लिए विषय विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
विद्यार्थियों के नवाचार प्रोजेक्ट के लिए फंड का भी प्रावधान किया गया है, जिससे वे अपने विचारों को प्रयोग और मॉडल के रूप में विकसित कर सकेंगे।
-कोट
इंस्टीच्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों की तकनीक से संबंधित समस्याओं का निवारण किया जाएगा। पांच पीएम श्री स्कूलों को इसमें शामिल किया है। प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए भेजा है।
-चंद्रशेखर, प्राचार्य, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, हमीरपुर