हमीरपुर। जिले के मेडिकल स्टोर संचालक अगर किसी टीबी मरीज को दवाई बेचते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी विभाग को हर माह की पांच तारीख से पहले देनी होगी। वहीं, 14 दवाइयां जो शेड्यूल एच-वन में आती हैं उनका रजिस्टर बनाकर रखना अनिवार्य होगा। टीबी मरीज को बेची जाने वाली दवाई का रिकॉर्ड बनाकर मरीज का नाम, पता और मोबाइल नंबर विभाग को उपलब्ध करवाना होगा। हर माह एच-वन रजिस्टर बनाकर ऐसी बेची जाने वाली दवाइयों का डाटा ड्रग निरीक्षक कार्यालय में पांच तारीख से पहले जमा करवाना होगा।
पांच तारीख तक इसकी जानकारी कार्यालय में न देने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय निरीक्षण में पाया जाता है कि मेडिकल स्टोर संचालक शेड्यूल एच-वन रजिस्टर समय पर मेंटेन नहीं रख रहे हैं। ऐसे कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों पर विभाग पूर्व में कार्रवाई कर चुका है। अब कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद परिस्थितियां थोड़ी सामान्य हुई हैं तो ड्रग निरीक्षक समय-समय पर दबिश देकर शेड्यूल एच-वन रजिस्टर की जांच करेंगे।
कई लोग टीबी रोग को बाहर बताने से डरते हैं, इसलिए निजी मेडिकल स्टोर से ही दवाइयां खरीदकर खाते हैं। टीबी उन्मूलन के लिए विभाग जोर शोर से प्रयास कर रहा है। ऐसे मरीजों को मेडिकल स्टोर संचालकों से मिले पते के आधार पर विभाग ट्रेस कर उनका सुचारु उपचार चलाएगा, ताकि टीबी जड़ से खत्म हो। ड्रग निरीक्षक हमीरपुर दिनेश गौतम ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालकों को हर माह की पांच तारीख से पहले यह डाटा विभाग को देना होगा अन्यथा ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।