फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: आजाद पार्षद तय करेंगे शहर की सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन
नप अध्यक्ष सहित एक पार्षद के कांग्रेस में शामिल होने से बदले समीकरण
विज्ञापन


कांग्रेस के बढ़े पार्षद, अब किंगमेकर बनेंगे आजाद जीते पार्षद

अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस को दो भाजपा को तीन की जरूरत

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। जिले में विधानसभा उपचुनाव के साथ ही शहर की सरकार के लिए भी सियासी घमासान मचा हुआ है। भाजपा समर्थित नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष मनोज मिन्हास और वार्ड नंबर दो के पार्षद राजकुमार के कांग्रेस में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अब यहां पर नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला आजाद पार्षदों के जिम्मे रहेगा। आजाद पार्षद ही शहर की सरकार तय करेंगे।

गत माह ही नगर परिषद हमीरपुर के खिलाफ 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था लेकिन आदर्श आचार संहिता लगने के कारण इस प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई है। अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद 21 मार्च को नगर परिषद हमीरपुर की बैठक परिषद की तरफ से बुलाई गई थी लेकिन अब आचार संहिता लग जाने से बैठक को स्थगित कर दिया गया है। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने हेतु शहरी विकास विभाग की ओर से चुनाव आयोग से अनुमति मांगी गई है। अभी तक आयोग की ओर से इस विषय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसी बीच नगर परिषद हमीरपुर के भाजपा समर्थित अध्यक्ष सहित एक अन्य पार्षद के कांग्रेस के शामिल हो जाने से भाजपा यहां अल्पमत में आ गई है। हालांकि आजाद जीत कर आए चार पार्षद भी भाजपा की विचारधारा के हैं। अब शहरी की सरकार और अध्यक्ष की कुर्सी का दारोमदार आजाद जीत कर आए पार्षदों पर ही रहेगा।
विज्ञापन






किसके पास कितने पार्षद

चुनावों के बाद नगर परिषद हमीरपुर में वार्ड नंबर दो, तीन, सात, नौ और 11 से भाजपा समर्थित पांच पार्षद जीत कर आए थे। कांग्रेस के वार्ड नंबर दो व पांच से दो पार्षद जीत कर आए थे जबकि वार्ड नंबर चार, छह, आठ व 10 से आजाद पार्षद जीते थे। सभी आजाद पार्षद भाजपा की विचारधारा के हैं। अब ताजा सियासी घटनाक्रम से अध्यक्ष समेत दो पार्षद कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस के पास पर चार पार्षद हो गए हैं जबकि भाजपा के पास तीन पार्षद रह गए हैं। ऐसे में आजाद पार्षद ही अविश्वास प्रस्ताव में शहर का मुखिया तय करने में अहम भूमिका अदा करेंगे। 11 वार्डों वाले नगर परिषद हमीरपुर में अध्यक्ष पद पर जीत के लिए छह पार्षदों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस को अब दो जबकि भाजपा को तीन पार्षद की जरूरत है।
विज्ञापन




नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने कहा कि भाजपा समर्थित होने के बावजूद अपनी ही पार्टी के पार्षदों ने उनसे चर्चा किए बिना अविश्वास प्रस्ताव ला दिया। पार्टी के बड़े नेताओं ने भी इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। ऐसे में उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लेना पड़ा है। शहर के विकास में उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें