हमीरपुर। केंद्रीय वित्त एवं कार्पोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को सुजानपुर और हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 25 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए। सबसे पहले उन्होंने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव ठाणा धमड़ियाणा में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लगभग 6.50 करोड़ से होने वाले सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि पूजन किया। इसके अलावा उन्होंने 24 लाख की लागत से निर्मित पंचायतघर एवं सामुदायिक केंद्र, 22 लाख से बने खेल मैदान और 7 लाख की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के उद्घाटन किए।
इसके बाद उन्होंने हमीरपुर के निकट सलासी में 4.80 करोड़ से बने जिला पंचायत संसाधन केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने सलासी में ही एक करोड़ की लागत से बनने वाले जिला परिषद के बहुउद्देश्यीय शॉपिंग कांप्लेक्स एवं आवास परिसर, 60 लाख से बनने वाले ग्राम पंचायत बस्सी झनियारा के पंचायतघर एवं सामुदायिक केंद्र और 10 लाख की लागत से बनने मझोग सुल्तानी के पंचायतघर की आधारशिलाएं भी रखीं। शुक्रवार शाम को अनुराग सिंह ठाकुर ने हथली खड्ड के नजदीक लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से बनने वाले कृषक परामर्श केंद्र का शिलान्यास भी किया।
ठाणा धमड़ियाणा और सलासी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत हमीरपुर की 12 सड़कों के लिए लगभग 173 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है। नाबार्ड के अंतर्गत भी 48 सड़कों के लिए धनराशि दी गई है। जिनमें से 17 के कार्य पूरे हो चुके हैं और शेष 31 सड़कों पर 132 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की जा रही है। सेंट्रल रोड फंड के माध्यम से भी लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव आर्थिक मदद दी जा रही है। हाल ही में प्रदेश को विभिन्न ग्रांट्स के तहत लगभग 9000 करोड़ की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। प्रदेश को आगामी 50 वर्षों के लिए ब्याजमुक्त ऋण दिया गया है। आपदा प्रबंधन कोष के लिए प्रदेश को 204 करोड़, जल जीवन मिशन की किश्त के रूप में 282 करोड़ और पंचायतीराज संस्थाओं के लिए 266 करोड़ की राशि जारी की गई है।
मनरेगा में इस वर्ष खर्च हो चुके हैं 650 करोड़: वीरेंद्र कंवर
ठाणा धमड़ियाणा और सलासी में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र सिंह कंवर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में मनरेगा का क्रियान्वयन एक मॉडल के रूप में किया जा रहा है और इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के चहुमुखी विकास पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश मनरेगा के तहत 900 करोड़ की धनराशि खर्च की गई थी। इस वित्त वर्ष में अभी तक इस योजना में 650 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वीरेंद्र कंवर ने बताया कि प्रदेश भर में अब पंचायतघरों को अब पंचायत कार्यालयों के साथ-साथ बहुउददेश्यीय सामुदायिक भवनों के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे एक साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सके।