नौहंगी में खैर चोरी मामले में निशानदेही करवाते विभागीय अधिकारी। स्रोत : जागरूक पाठक
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रंगस (हमीरपुर)। वन परिक्षेत्र नादौन के तहत आने वाले डिमार्केटड प्रोटेक्टड फोरेस्ट (डीपीएफ) नौहंगी में खैर चोरी के मामले में वन विभाग ने आरोपियों की मौजूदगी में निशानदेही करवाई। मामले में आरोपियों और गवाहों के बयान भी कलमबद्ध किए गए हैं।
निशानदेही में चोरी हुए खैर के पेड़ डीपीएफ नौहंगी के ही पाए गए हैं। वहीं, मौके पर मौजूद सातों आरोपियों ने भी यह माना है कि जिन खैर के पेड़ों को काटा गया था, वह सरकारी जंगल की ही संपत्ति थी। गौर हो कि बीते 21 और 22 मार्च की रात को मुख्य सड़क मार्ग हमीरपुर-नादौन के तहत मंडप कैंची मोड़ के समीप खैर के पेड़ चोरी करते समय वन विभाग की टीम ने कुछ आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा था और कुछ आरोपी भाग गए थे।
वहीं, मौके पर चार बड़े खैर के पेड़ कटे हुए मिले थे। इस दौरान कुछ खैर के मोछे आरोपियों ने पिकअप ट्राला गाड़ी में लोड भी कर दिए थे। इस पर कार्यकारी वन रेंज अधिकारी नादौन एवं वन खंड अधिकारी सुरेश शर्मा ने आपत्ति जताते हुए बताया कि यह खेदजनक बात है कि राजस्व विभाग ने सात रिमाइंडर देने के उपरांत अब जाकर मौके की निशानदेही की है।
न्यायालय में विचाराधीन मामले या विभागीय कार्रवाई के संदर्भ में राजस्व विभाग को तत्परता दिखानी चाहिए, ताकि जरूरी साक्ष्य यथावत रह सकें। मामले में रिकवर पिकअप ट्राला व खैर के बरामद मोछे भी अभी वन विभाग की कस्टडी में हैं, जबकि दो अन्य कारें कोर्ट से रिलीज हो गई हैं। सभी आरोपियों पर वन अधिनियम के तहत न्यायालय में मामला विचाराधीन हैं।