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भाषा शिक्षकों के पदों पर बैचवाइज भर्ती में नियमों को किया अनदेखा

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हमीरपुर। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में भाषा अध्यापकों के पदों पर बैचवाइज होने वाली भर्तियां में नियमों की अनदेखी के मामले में विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। वर्ष 2017 में अनुबंध के आधार पर बैचवाइज आधार पर भर्ती हुए भाषा अध्यापकों को हमीरपुर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने बीते माह 3 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर नियमित किया है। करीब आधा दर्जन से अधिक भाषा अध्यापकों को नियमित करने पर स्क्रूटनी कमेटी ने आपत्ति जताई थी। कमेटी के सदस्यों का कहना था कि बैचवाइज आधार पर नियुक्त हुए इन अध्यापकों में से कुछ ऐसे शिक्षक भी हैं, जिन्होंने पहले बीएससी बीएड की डिग्री हासिल की है और उसके बाद हिंदी विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है। स्क्रूटनी कमेटी की आपत्ति के बावजूद प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर इन भाषा अध्यापकों को नियमित कर दिया कि विभाग से इस बारे में कोई स्पष्ट नियम नहीं है। अमर उजाला में बीते माह भाषा अध्यापकों के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद शिक्षा विभाग के सचिव ने इस मामले में निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। उस रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि बैचवाइज आधार पर होने वाली भर्तियों में अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ही उनके बैच को प्रमुख आधार माना जाए। लेकिन, इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई न होने के बाद हमीरपुर की एक महिला ने शिक्षा विभाग से सूचना के अधिकार के अंतर्गत भाषा अध्यापकों की बैचवाइज भर्ती के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की जानकारी हासिल की है। शिक्षा विभाग ने आवेदनकर्ता को आरटीआई में बताया कि हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग ने फरवरी 2018 में जारी क्लेरीफिकेशन में इस बात का स्पष्ट जिक्र है कि बैचवाइज भर्ती में अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूर्ण होना अनिवार्य है। यानी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के बाद व्यावसायिक योग्यता को भर्ती के लिए आधार माना जाएगा। कार्मिक विभाग की इस अधिसूचना के बावजूद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने भाषा अध्यापकों के पदों पर होने वाली बैच वाइज भर्तियों में सबक नहीं लिया। जिसके चलते कई पात्र उम्मीदवार नौकरी से वंचित रह गए। हिंदी विषय के साथ स्नातक और उसके उपरांत बीएड करने वाले अभ्यर्थियों सरिता कुमारी, प्रदीप, सुनील कुमार, अंशुल और अजय कुमार ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में नियमों के विपरीत होने वाली भर्तियों के कारण आज कई पात्र अभ्यर्थी नौकरी से वंचित हैं। उन्होंने शिक्षा सचिव से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
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