संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और दूध की खरीद एवं एकत्रीकरण के लिए एक सुनियोजित चेन विकसित करने के लिए जिले में भी हर पंचायत में कम से कम एक दुग्ध सहकारी सभा बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग, मिल्क फेडरेशन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मिल्क सोसायटियों के गठन की प्रगति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने पशुपालन विभाग और मिल्क फेडरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सोसायटियों के गठन के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों में दूध के उत्पादन की क्षमता का भी आकलन करें। पशुपालकों से एकत्रित दूध को जलाड़ी के चिलिंग प्लांट में या कांगड़ा के ढगवार प्लांट में भेजने के लिए अगर अतिरिक्त प्रबंधों की आवश्यकता है तो इनके बारे में भी तुरंत अवगत करवाएं।
सोसायटियों को टेस्टिंग किट्स प्रदान करने, चिलिंग प्लांट में अतिरिक्त मशीनरी और वाहनों आदि की व्यवस्था के बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाएं। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश कपूर ने दुग्ध सहकारी सभाओं के गठन की ताजा स्थिति की जानकारी दी।