नगर परिषद हमीरपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बने अधिकतर बहुमंजिला भवन बिजली के अवैध कनेक्शनों से जगमगा रहे हैं। शहर के प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के हॉस्टल और कमर्शियल भवनों में 15 से 25 बिजली मीटर लगे हैं।
कई लोगों ने बहुमंजिला भवनों में किरायेदार ठहराए हुए हैं। यहां पर 30 से 35 केवी से अधिक बिजली की खपत हो रही है लेकिन बिजली बोर्ड इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
नियमानुसार, 25 केवी से अधिक बिजली की खपत पर भवन मालिक को अपने खर्चे पर बिजली ट्रांसफार्मर लगाना होता है। हमीरपुर में बने होटल ऑपरेटर और कुछेक लघु औद्योगिक इकाइयां ही इस शर्त को पूरा कर रही हैं।
शेष बहुमंजिला भवन मालिक बिना ट्रांसफार्मर लगाए चांदी कूट रहे हैं। शहर में अधिकतर भवन मालिकों ने 15 से 20 कमरों में किरायेदार ठहराए हुए हैं। हर किरायेदार के लिए अलग से बिजली मीटर लगाया हुआ है।
सर्दियों के मौसम में गीजर, हीटर, इलेक्ट्रिकल रॉड, इंडक्शन चूल्हे और गर्मियों में एसी, पंखे, कूलर, रेफ्रिजेरेटर समेत अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं। हालांकि इन बहुमंजिला भवनों के आसपास रहने वाले परिवार लो वोल्टेज की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। बिजली बोर्ड को भी कमर्शियल टैरिफ के रूप में राजस्व की चपत लग रही है।
ट्रांसफार्मर के लिए चुकानी पड़ती है यह राशि
25 केवीए ट्रांसफार्मर के लिए खरीदार को करीब 45 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जमीन और लेबर चार्जिज भी देना पड़ता है। इसी तरह 65 केवीए का ट्रांसफार्मर 80 हजार और 100 केवीए का ट्रांसफार्मर के लिए डेढ़ लाख खर्च करने पड़ते हैं।