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मुख्याध्यापक पदोन्नति सूची में प्रदेशभर के टीजीटी आर्ट्स शिक्षकों की अनदेखी : संघ

Fri, 14 Jul 2023 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। लंबे संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद जारी टीजीटी और प्रमोटी प्रवक्ता से मुख्याध्यापक पदोन्नति सूची में टीजीटी आर्ट्स शिक्षक हाशिये पर आ गए हैं। पिछले 10 सालों से टीजीटी शिक्षकों को मुख्याध्यापक पद पर नाममात्र पदोन्नति मिल रही है, जोकि मूल रूप से भर्ती पदोन्नति नियमों में केवल टीजीटी के लिए ही सृजित पद हैं। इस बार जारी प्रमोशन लिस्ट में 306 मुख्याध्यापकों में 208 प्रमोटी प्रवक्ता, 66 टीजीटी नॉन-मेडिकल,15 टीजीटी मेडिकल और 17 टीजीटी कला शिक्षक शामिल हैं। सूची में 68 फीसदी प्रमोटी प्रवक्ता, 22 फीसदी टीजीटी नॉन-मेडिकल, 4.5 फीसदी टीजीटी नॉन-मेडिकल और 5.5 फीसदी टीजीटी आर्ट्स शिक्षक शामिल हैं। इस तरह कार्यरत टीजीटी को इस प्रमोशन सूची में बड़ा नुकसान हुआ है। राजकीय टीजीटी कला संघ ने टीजीटी शिक्षकों की घोर उपेक्षा के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि सत्र 2021-22 की प्रमोशन सूची में भी ऐसी ही निराशा कार्यरत टीजीटी को झेलनी पड़ी थी। पिछली सूची में कुल 240 मुख्याध्यापक प्रमोट हुए थे। जिनमें 170 (68 फीसदी) प्रमोटी प्रवक्ता, 62 (25 फीसदी) टीजीटी साइंस और आठ (सात फीसदी) टीजीटी आर्ट्स शिक्षक मुख्याध्यापक बने थे। इस तरह दो वर्षों में मुख्याध्यापक के कु ल 546 पद प्रमोशन से भरे गए। इनमें 378 (69 फीसदी) प्रमोटी प्रवक्ता, 143 (26 फीसदी) पद टीजीटी साइंस और 25 (पांच फीसदी) पद टीजीटी आर्ट्स से भरे गए हैं। अगर कार्यरत टीजीटी कैडर की संख्या देखें तो टीजीटी कैडर के 16,318 वर्तमान पदों में से टीजीटी कला के 8,297 पद, टीजीटी नॉन-मेडिकल के 5,115 पद, टीजीटी मेडिकल के 2906 पद हैं, जबकि प्रमोटी प्रवक्ता की संख्या कार्यरत टीजीटी से एक चौथाई भी नहीं है। इसके बावजूद प्रमोटी प्रवक्ता को मुख्याध्यापक पदोन्नति में कैडर संख्या अनुसार कोटा तय न होने के कारण 69 फीसदी पदों पर प्रमोशन मिल रही है। टीजीटी साइंस का कैडर कुल टीजीटी का 50 फीसदी है। इनको मुख्याध्यापक के 26 फीसदी पदों पर पदोन्नति मिल रही है। सबसे उपेक्षित कैडर टीजीटी आर्ट्स का है, जिनकी टीजीटी कैडर में संख्या 8,297 (50 फीसदी) है मगर मुख्याध्यापक प्रमोशन में केवल पांच फीसदी पद मिल रहे हैं। इस वजह से सैकड़ों टीजीटी आर्ट्स 20 से 28 वर्ष सेवाकाल बाद भी बिना किसी प्रमोशन सेवानिवृत्त हो चुके हैं। संघ ने उच्च शिक्षा विभाग को शीघ्र इस मामले में कोटा कैडर संख्या अनुसार तय करने की अपील की है। वरना इस मामले में हाईकोर्ट में मामला दायर किया जाएगा। कार्यरत शिक्षकों की प्रमोशन को कैडर संख्या मुताबिक तय करना आवश्यक है।
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