सलौणी में ऊना बड़सर सड़क पर प्रदर्शन करते लोग। संवाद।
जाहू/गलोड़/सलौणी (हमीरपुर)। भोटा चैरिटेबल अस्पताल को बंद न करने मांग को लेकर जिलेभर में व्यापक रोष फैल गया है। किसी ने अस्पताल को बचाने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे डाला है, तो कई अनशन और आंदोलन के लिए तैयार हो गए हैं।
लोग हर हाल में निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहे अस्पताल को बचाना चाहते हैं। सोमवार को प्रदर्शन शुरू हुआ था। इसके बाद बुधवार और वीरवार को भी विभिन्न स्थानों पर लोग सड़कों पर उतरे। भोटा में अस्पताल के गेट के बाहर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब जिले के अन्य हिस्सों में भी फैल चुका है।
शिमला-मटौर एनएच पर 11 बजे से 2ः00 बजे तक लोगों ने धरना दिया, जबकि ऊना-भोटा सुपर हाईवे पर सलौणी कस्बे में भोटा-दियोटसिद्ध चौक पर 11:30 बजे से एक बजे तक चक्का जाम किया गया। इसमें छह पंचायतों के करीब 150 लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने ब्यास प्रबंधन के मुद्दे को लेकर सरकार से त्वरित कदम उठाने की मांग की। बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कानून हाथ मे न लेने की जनता से अपील की और जाम खुलवाया।
विधायक लखनपाल ने कहा कि यदि सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो वे जनता के साथ भूख हड़ताल और अनशन करेंगे। सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल बंद हुआ तो वे अनिश्चितकाल के लिए चक्का जाम करेंगे।