विजेता आरटीयू की अर्बन प्लस टीम को पुरस्कृत करते आयोजक।
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ट्रैफिक लाइटें पारंपरिक बिजली की बजाय कायनेटिक एनर्जी से संचालित होंगी। इस प्रणाली में वाहनों के दबाव और यातायात लोड के आधार पर सिग्नल की टाइमिंग स्वतः तय होगी। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में इस प्रकार का मॉडल पेश किया गया। संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग की सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स कल्चर की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन इलैक्ट्रोथॉन 8.0 का सोमवार को मुख्य सभागार में समापन हुआ।
तीन दिवसीय इस तकनीकी महाकुंभ में देशभर से आए 550 युवा प्रतिभागियों ने वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान हेतु अत्याधुनिक तकनीक आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) कोटा की अर्बन प्लस टीम इलैक्ट्रोथॉन की विजेता रही। टीम के आयुष ठाकुर, वैभव, लक्ष्य और विपुल ने ऐसा अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें ट्रैफिक लाइट्स को पारंपरिक बिजली की बजाय कायनेटिक एनर्जी से संचालित करने का आइडिया पेश किया।
यह प्रणाली वाहनों के दबाव और यातायात लोड के आधार पर सिग्नल की टाइमिंग स्वतः निर्धारित करेगी। इससे ऊर्जा की बचत के साथ जाम की समस्या में भी कमी आ सकती है। द्वितीय स्थान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर की बिट ब्रिबर्स टीम ने प्राप्त किया। टीम के अंशुमन, अंकित, अभिमन्यु और यथा ने एआई आधारित ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित किया, जिसमें विद्यार्थी केवल अपनी योग्यता के दस्तावेज अपलोड करेंगे और सिस्टम स्वतः उन्हें उपयुक्त सरकारी योजनाओं की जानकारी व आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध कराएगा।
तृतीय पुरस्कार हैंपटी टीम (अभिषेक, हिमांशु) के नाम रहा। बेस्ट हार्डवेयर हैक स्पर्धा में टीम ईसीई के शेर (श्रन्या, कृतिका, शुभम, गर्व) विजेता, बेस्ट बिगनर हैक स्पर्धा में टीम गिटरेट (मुस्कान, आयुष्मान, नेहीन, आदर्श) विजेता, बेस्ट ऑल गर्ल स्पर्धा टीम टर्निंग हेयर्स (प्रियांशी जोशी, सुमन्या, प्ररिशा) के नाम रहा। आयोजन प्रभारी डॉ. संदीप कुमार सिंह ने बताया कि 13 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने एआई, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर और आईओटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नवाचार प्रस्तुत किए।
निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी व रजिस्ट्रार अर्चना नानोटी, विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमारने कहा कि ऐसे आयोजन रचनात्मक विचारों को व्यावहारिक तकनीकी समाधान में बदलने का अवसर देते हैं।