हमीरपुर में वेटरन को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल संजय।
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भारतीय नौसेना स्वदेशी के साथ मजबूती की ओर बढ़ रही है। इससे देश का समुद्री पहरा और अधिक मजबूत होगा। देश में शीघ्र ही 75 नए शिप और सबमरीन (एक विशिष्ट जलयान) शामिल किए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे लेकर सरकार से भी मंजूरी मिल गई है।
हमीरपुर में एक कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय नौ सेना के वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने यह जानकारी दी। यह संजय मूलरूप से शाहतलाई के झबोला से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन अब वह हमीरपुर के हीरानगर में बस गए हैं। पिछले वर्ष ही वह नौ सेना में वाइस एडमिरल बने हैं। उन्होंने बताया कि देश में स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए 50 शिप शामिल किए गए हैं।
शीघ्र ही 75 नए शिप और सबमरीन शामिल करने को लेकर मंजूरी मिली है। इंडियन नेवी अपने डिजाइन भी तैयार कर रही है। अब तक 100 से अधिक शिप बनाए गए हैं। वर्ष 2047 तक हमने स्वदेशी का लक्ष्य तय कर रखा है। इसमें हमारा मुख्य लक्ष्य है कि हम एक भी पुर्जा बाहर से मंगवाने के स्थान पर अपने देश में ही तैयार करें। इसमें हमें 66 फीसदी सफलता मिल चुकी है। कई शिप ऐसे हैं, जिनके कलपुर्जे देश में ही तैयार किए हैं।
उन्होंने बताया कि आईएनएस विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है, जिसे 2022 को कोच्चि में भारतीय नौसेना में कमीशन किया है। लगभग 262 मीटर लंबे इस जहाज को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड की ओर से बनाया गया है। इस वर्ष नौसेना में 20 नए वारशिप भी शामिल होंगे।