हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड वर्ष 2021-22 में पंजीकृत करीब 70 हजार निर्माण श्रमिकों को वितरित 176 करोड़ रुपये के सत्यापन के लिए एक जुलाई से विशेष अभियान शुरू करेगा। हर जिले में तीन सदस्यीय समितियां घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता की जांच करेंगी। अनियमितता मिलने पर एफआईआर दर्ज करने और राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड वर्ष 2021-22 के दौरान पंजीकृत करीब 70 हजार निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित 176 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का सत्यापन कराएगा। इसके लिए प्रदेशभर में एक जुलाई से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि सत्यापन के दौरान लाभार्थियों की पात्रता और योजनाओं के तहत दिए गए लाभ की जांच की जाएगी।
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हर जिले में बनेगी तीन सदस्यीय समिति: बोर्ड ने सभी जिलों में श्रम कल्याण अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समितियां गठित करने का निर्णय लिया है। ये समितियां घर-घर जाकर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन करेंगी और यह जांचेंगी कि जिन लोगों को योजनाओं का लाभ मिला, वे वास्तव में पात्र निर्माण श्रमिक थे या नहीं।
30 जून को अधिकारियों की बैठक: सत्यापन अभियान शुरू करने से पहले 30 जून को संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अभियान की रूपरेखा और कार्यप्रणाली तय की जाएगी।
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पंजीकरण और राशि वितरण की होगी जांच: बोर्ड के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान करीब छह महीनों में लगभग 70 हजार नए श्रमिकों का पंजीकरण किया गया था। इसी अवधि में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत करीब 176 करोड़ रुपये वितरित किए गए। बोर्ड की वार्षिक आय लगभग 105 करोड़ रुपये होने के कारण इस अवधि में हुए भुगतान की जांच का निर्णय लिया गया है।
अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई: बोर्ड अध्यक्ष नरदेव कंवर ने कहा कि यदि सत्यापन के दौरान अपात्र या फर्जी लाभार्थियों को राशि दिए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और वितरित राशि की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाली अनियमितताओं के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।