जिला परिषद हमीरपुर की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी।
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हमीरपुर। जिला परिषद हमीरपुर की त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को जिला परिषद भवन के सभागार में अध्यक्ष राकेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें कुल 35 मदों पर चर्चा की गई। जिला परिषद की पिछली बैठकों में हिस्सा न लेने वाले भोरंज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इस बार बैठक में हिस्सा लिया और इन अधिकारियों से जिला परिषद सदस्यों की खूब गहमागहमी भी हुई। भोरंज के ही एक अधिकारी के जवाब से असंतुष्ट एक जिला परिषद सदस्य ने तो अधिकारी पर गुमराह करने के आरोप तक लगा दिए। जिस पर अधिकारी भी गुस्सा गए, लेकिन मामले में बीच बचाव करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने सदस्य और अधिकारी को शांत करवाया।
इस दौरान सदस्यों ने विभिन्न विभागों को लेकर अपने सवाल हाउस में रखे। अत्यधिक शिकायतें लोक निर्माण विभाग और आईपीएच से जुड़ी हुई सामने आईं। इनमें सड़कों की खस्ता हालत और पेयजल योजनाओं की समस्याएं प्रमुख रहीं। इसके अलावा उपमंडल बड़सर के एक गांव के 20 हिम केयर कार्ड बनने के बाद वितरित न करने और जिलाभर में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड बनाने की एवज में अतिरिक्त पैसे वसूलने का मुद्दा भी बैठक में खूब गर्माया। सीएमओ हमीरपुर को मामले में उचित कार्रवाई करने के लिए कहा गया। वहीं, एडीसी हमीरपुर ने भी इस संबंध में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा दियोटसिद्ध मंदिर में नवग्रह वाटिका के उचित रखरखाव का मुद्दा भी बैठक में उठा। शुक्रवार की बैठक में लंबे समय बाद जिला परिषद के हाउस में तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित नजर आए। जिससे अधिकतर सवालों का अधिकारियों ने जवाब दिया और समस्याओं का निपटारा करने की दिशा में कार्य करने की बात कही। जिला परिषद अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि बैठक में सभी विभागों से अधिकारी मौजूद रहे हैं। जिला परिषद के सदस्यों ने हाउस में कई सवाल उठाए हैं। संबंधित अधिकारियों ने इन सवालों का जवाब दिया है।
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पिछली बैठक में उठाई समस्याओं पर भी चर्चा
19 अक्तूबर 2019 को आयोजित जिला परिषद की बैठक में भोरंज उपमंडल से आईपीएच और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा नहीं लिया था। जिसे लेकर जिला परिषद सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन इस बार भोरंज से भी अधिकारियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इन विभागों से जुड़ी पुरानी समस्याओं पर भी चर्चा की गई, जो कि पिछली बैठक में उठाई गई थीं। इनमें वर्षा शालिकाओं की खस्ता हालत और खराब सड़कों की मरम्मत करने का मुद्दा मुख्य था।