नादौन/रंगस (हमीरपुर)। जिले में मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित उपमंडल नादौन रहा। खड्डों और नदियों के उफान से निजी और सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये की चपत लगी है।
जल शक्ति विभाग की 191 में से 140 योजनाएं ठप हो गई हैं और विभाग को करीब 11.78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हमीरपुर शहर में मंगलवार को जलापूर्ति प्रभावित रहने से करीब 40 हजार लोगों को परेशानी हुई।
वहीं, नादौन के कश्मीर गांव में सड़क किनारे भूस्खलन से पांच घरों में मलबा घुस गया। घरों के अंदर करीब पांच फीट तक गाद और मिट्टी जमा हो गई। बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर पांच परिवारों के 12 सदस्यों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कश्मीर के कमरों में शिफ्ट किया है।
वहीं, प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत दी है। एसडीएम निशांत शर्मा ने विभागीय टीम के साथ करीब तीन किलोमीटर पैदल मौके का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया।
बारिश से बिजली, पेयजल और सड़क सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि विभागीय टीमें प्रभावित सेवाओं को बहाल करने में जुटी रहीं।
403 ट्रांसफार्मर से बिजली बहाल
बारिश के कारण बिजली बोर्ड के करीब 438 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए, लेकिन हजारों उपभोक्ताओं को बिजली कट का सामना करना पड़ा है। इनमें से 403 को दोबारा चालू कर दिया गया, जबकि कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। करीब 70 बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली तार टूटे हैं। 24 घंटों में बिजली बोर्ड ने लगभग 60 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
शहर में आज भी जलापूर्ति पर संशय
भारी बारिश के बाद पेयजल योजनाओं पर भी असर पड़ा है। मटमैले पानी के कारण कई पंप हाउस से सप्लाई रोकनी पड़ी। हमीरपुर शहर के अलावा बनाल, दोसड़का, पनाहू और गाहलियां समेत कई क्षेत्रों में बुधवार सुबह लोगों को पानी नहीं मिल पाया। हमीरपुर शहर में वीरवार को जलापूर्ति होने पर संशय बना हुआ है। जल शक्ति विभाग की जिले में कुल 191 पेयजल योजनाएं हैं, जिनमें से 140 योजनाएं ठप हैं। विभाग ने करीब 11.78 करोड़ लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया है।
16 सड़कें हुईं बंद, बाद में 13 पर आवाजाही बहाल
बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर सड़कों पर भी दिखा। लोक निर्माण विभाग की करीब 16 सड़कें सुबह बंद रहीं। कहीं पेड़ गिरने तो कहीं भूस्खलन का मलबा आने से यातायात थम गया। विभाग ने 13 सड़कों पर आवाजाही बहाल कर दी है, जबकि तीन सड़कों को जल्द खोलने का दावा किया गया है। इनमें नादौन क्षेत्र की तीन सड़कें सुबह करीब आठ बजे बंद थीं, जिन्हें करीब एक घंटे में बहाल कर दिया गया। बड़सर की पांच सड़कों में से दो खोल दी गई हैं, जबकि तीन को जल्द बहाल करने की बात कही गई है। टौणी देवी की पांच और भोरंज की तीनों बंद सड़कें भी बहाल कर दी गईं। लोक निर्माण विभाग को बारिश से करीब 1120 लाख रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान है।
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यह सड़कें हुई थीं आशिंक रूप से बंद
सुजानपुर-संधोल सड़क, बदारन-जोल गाहलियां सड़क, कसीरी महादेव-डूहक-छतरूड़ू सड़क, टौणी देवी-उहल सड़क, उहल-जंदड़ू सड़क, लघवाण-टौणी देवी, टियालू-लोहारडा, पंजोत-ललयार, बणी-मटकर और कई अन्य सड़कें भूस्खलन या पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए बंद रहीं। अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी एवं लेबर लगाकर अधिकांश सड़कों को तुरंत बहाल कर दिया। मान खड्ड का जल स्तर बढ़ने के कारण नादौन-गौना-धनेटा सड़क भी अवरुद्ध रही।
एक पक्का, चार कच्चे मकान हुए क्षतिग्रस्त
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में बुधवार दोपहर तक प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार गत 24 घंटों के दौरान एक पक्का मकान, चार कच्चे मकान और एक गोशाला भी क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, बरसात में अब तक लोक निर्माण विभाग को 3533 लाख, जल शक्ति विभाग को 1632 लाख रुपये और बिजली बोर्ड को एक करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान है। तीन कच्चे मकान ध्वस्त हुए हैं। नौ अन्य कच्चे मकानों और तीन पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। 13 गोशालाओं भी क्षतिग्रस्त हुई।
बारिश से ढही मक्की की फसल
बिझड़ी (हमीरपुर)। जिला में मंगलवार रात हुई बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है वहीं मक्की की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश और तेज हवा से मक्की की फसल ढह गई है। जिले में करीब 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्की की फसल की बिजाई की जाती है। किसानों ने विभाग से बारिश से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, कृषि विभाग के उपनिदेशक डीडी शर्मा हमीरपुर ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी तथा उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई थीं। इनमें कुछ योजनाएं बहाल हो गई हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-नीरज, एसई, जल शक्ति विभाग हमीरपुर
विभिन्न टीमें सुबह से ही मोर्चे पर डटी हैं। अधिकांश प्रभावित सेवाओं को तेजी से बहाल कर लिया गया है।
-आशीष कपूर, एसई, बिजली बोर्ड हमीरपुर
कई जगह से सड़क मार्ग बंद होने की सूचना मिली थीं। जेसीबी के माध्यम से मलबे को हटाकर सड़क मार्ग को बहाल कर दिया है।
-विजय कुमार जोशी, एसई, लोक निर्माण विभाग, हमीरपुर
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बरसात के मौसम को देखते हुए सभी विभागों को किसी भी तरह की आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आने वाले दिनों में भी जिले में भारी बारिश हो सकती है। इसलिए सभी जिलावासी विशेष ऐहतियात बरतें और नदी-नालों के पास न जाएं। भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से भी दूर रहें। किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति में डीईओसी के टॉल फ्री नंबर 1077 या दूरभाष नंबरों 01972-221277, 221377, 221477 और 221877 पर संपर्क किया जा सकता है।
-गंधर्वा राठौड़, उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
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कोटला चिल्लियां में राशन डिपो में घुसा पानी
नादौन(हमीरपुर)। भारी बारिश के कारण कोटला चिल्लियां में भी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। बारिश का पानी राशन डिपो के अंदर घुस गया। पानी भरने से डिपो में रखा करीब 50 हजार रुपये का राशन खराब हो गया। डिपो संचालक के अनुसार लगातार बारिश के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई, जिससे डिपो में पानी भर गया और इसमें आटा, चावल और चीनी समेत अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।
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सुकराला में 60 कनाल भूमि पर से गन्ने की फसल बही
धनेटा(हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के अंतर्गत सुकराला क्षेत्र में खड्ड का जलस्तर बढ़ने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खड्ड के तेज बहाव में 60 कनाल भूमि में तैयार गन्ने की फसल बह गई और खेतों में भी कटाव हुआ है। एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करवाई। वहीं, फाहल गांव में भूस्खलन के कारण मलबे से एक मकान के दो कमरे और छत्त पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। एसडीएम व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की फौरी सहायता और तिरपाल प्रदान किया। इस मौके पर बीडीओ नादौन राजेश ठाकुर, अश्वनी व अन्य राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे।
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नालांगर स्कूल का डंगा गिरा
गलोड़ (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत नारा में मंगलवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण पंचायत प्रधान सोनू के मकान के पिछले हिस्से पर पेड़ गिर गया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत चंगर के तहत राजकीय उच्च विद्यालय नालांगर का नवनिर्मित भवन भी डंगा ढह जाने के कारण खतरे की जद में आ गया है। इससे बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। ग्राम पंचायत चंगर के प्रधान राजकपूर ने मौके पर जाकर जायजा लिया और स्थानीय पटवारी को आगामी कार्यवाही के लिए सूचित कर दिया है। चंगर पंचायत के गांव नैहलवीं में अनंत राम व मदन लाल के घर की दीवार पर ल्हासे गिरने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। कांगू-गलोड़ और गलोड़-हमीरपुर वाया नाल्टी सड़क मार्ग ल्हासे और पेड़ गिरने से बाधित हुआ। संवाद
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लपोदू गांव में रास्ते सहित गिरा डंगा
ताल (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत कैहरवीं के गांव लपोदू में मंगलवार रात से हो रही बारिश के कारण डंगा गिर गया। भारी बारिश से तीन-चार घरों में पानी सहित मलबा घुस गया। लोगों ने बाल्टी और तसले लेकर पानी को बाहर निकाला। बारिश के कारण रास्ते के टूटने से करीब आठ घरों का संपर्क टूट गया है। पंचायत के उपप्रधान कुलदीप शास्त्री, वार्ड नंबर पांच के वार्ड सदस्य विपिन कुमार, वार्ड नंबर एक वार्ड सदस्य अंजू धीमान मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि रास्ते के गिरने से करीब आठ घरों का संपर्क टूट गया है।
टौणी देवी-ऊहल सड़क पर मलबा गिरने से यातायात बाधित
टौणी देवी (हमीरपुर)। टौणी देवी-ऊहल सड़क पर बुधवार सुबह करीब आठ बजे झोखर के पास अचानक मलबा गिरने से यातायात बाधित हो गया। सड़क पर मलबा आने से स्कूली बसों समेत अन्य वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब आधे घंटे बाद सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बरसात के दौरान सड़क के संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है।
कश्मीर गांव में मुख्य सड़क के साथ भूस्खलन के कारण मकानों में घुसे मलबे से हुए नुकसान का आकलन कर
कश्मीर गांव में मुख्य सड़क के साथ भूस्खलन के कारण मकानों में घुसे मलबे से हुए नुकसान का आकलन कर
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