भोरंज/हमीरपुर। जिले में मानसून न आने से गर्मी का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। सर्दियों में भी कम बारिश हुई इससे खड्डों और जलस्रोतों में पानी नहीं बढ़ा पाया। अब अधिकतर पेयजल योजनाएं सूख चुकी हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। गर्मी के कारण खेतों में बीजी गई मक्की और धान की फसल झुलस रही है।
इससे किसान निराश हैं। ऐसे में लोग इंद्रदेव को रिझाने के लिए भी कई प्रयोग कर रहे हैं। शुक्रवार को भी पारा 40-41 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया और इस कारण बिजली की वोल्टेज की समस्या पैदा हो रही है। भारी गर्मी से बीमारियां बढ़ने लगी हैं। रमेश कुमार, विजय कुमार, संजय कुमार, बबलू आदि ने कहा कि गर्मी के कारण काफी दिक्कत हो रही है और खेतों में मक्की और अन्य फसलें भी बर्बाद होने की कगार पर हैं।