स्थानीय लोग पिछले कई वर्षों से पीएचसी में रात्रि सेवाएं शुरू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन शाम चार बजे के बाद ताले लग जाते हैं।
इसके बाद किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को 18 किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल बड़सर या 15 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर जाना पड़ता है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शहरवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि पीएचसी भोटा में रात्रि सेवाएं तुरंत शुरू की जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को आपात स्थिति में समय पर उपचार मिल सके।
कोट्स
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग 103 के साथ स्थित है। यहां पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। आपात स्थिति में मरीजों को दूर दराज के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है।
-अब्बू कानूनगो, भोटा निवासी
लंबे समय से चुनावों में प्रत्याशी स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करवाने और रात्रि सुविधाएं उपलब्ध करवाने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का अभाव है।
-राकेश कुमार, भोटा निवासी
नगर पंचायत भोटा के 33 गांवों की सीमा के साथ लगती है। छोटी-छोटी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए आते हैं। ऐसे में केंद्र में सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।
-अनमोल भाटिया, भोटा निवासी
स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं को लेकर व्यापक प्रबंध होने चाहिएं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
-संतोष कुमार, भोटा निवासी
अब्बू कानूनगो,भोटा निवासी।
अब्बू कानूनगो,भोटा निवासी।
अब्बू कानूनगो,भोटा निवासी।
अब्बू कानूनगो,भोटा निवासी।