स्वास्थ्य खंड गलोड़ में दो दिन पूर्व आए थे नौ गांवों में डायरिया के 20 मामले
वर्तमान में स्थिति सामान्य, एक भी मामला सक्रिय नहीं, डायरिया फैलने की हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग ने पानी के 10 सैंपल हमीरपुर अस्पताल भेजे, आईपीएच के सैंपल सही
संवाद न्यूज एजेंसी
गलोड़ (हमीरपुर)। स्वास्थ्य खंड गलोड़ में डायरिया के मामले सामने आने के बाद स्क्रीनिंग की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी 10 के करीब पानी के सैंपल डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि डायरिया फैलने के कारण स्पष्ट हो सकें। वहीं, घरों में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। ग्राम पंचायत कश्मीर के नौ गांवों में 21, 22 व 23 अप्रैल को डायरिया के 20 के करीब मामले सामने आए। ऐसे में डायरिया ज्यादा न फैले, इसके लिए स्वास्थ्य खंड ने 21 अप्रैल से ही स्क्रीनिंग प्रक्रिया जारी कर दी। वर्तमान में कोई भी मामला सक्रिय नहीं है तथा सभी लोग स्वस्थ हो गए हैं। एक बार फिर से जल शक्ति विभाग पानी ठीक होने का तर्क दे रहा है जबकि लोगों का कहना है कि पानी दूषित था। पूर्व में टौणी देवी में भी दूषित पानी से सैकड़ों लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। उस समय भी जल शक्ति विभाग ने पानी साफ होने का तर्क दिया लेकिन बाद में आई रिपोर्टों में साफ हुआ कि गंदा पानी पीने से ही क्षेत्र में डायरिया फैला। अब गलोड़ में भी डायरिया के मामले सामने आए, लेकिन स्थिति अब कंट्रोल में है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि दो-तीन दिन पूर्व गलोड़ में मामले आए थे लेकिन अब वहां पर कोई मामला नहीं है। पानी की जांच की जा रही है। ग्राम पंचायत कश्मीर के प्रधान सुरजीत कुमार ने कहा कि स्थिति अब ठीक है। पानी में खराबी होने के कारण क्षेत्र में डायरिया हुआ था। अब सभी लोग स्वस्थ हैं। वहीं, जल शक्ति विभाग धनेटा के सहायक अभियंता नीरज ने कहा कि पानी के दो बार सैंपल लिए। सैंपलों में पानी ठीक पाया गया है।