दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए भरे जा रहे सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी दवाइयों की दुकानों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इसमें जहां दवाइयों के क्रय-विक्रय की बारीकी से जांच की जा रही है तो वहीं विभागीय नियमानुसार दवाई की दुकान के ढांचे (बनावट) को भी परखा जा रहा है। दवाई की दुकान के लिए तय किए गए जरूरी सभी मानकों को जांचा जा रहा है। इस दौरान यदि कोई केमिस्ट की दुकान मानकों पर खराब नहीं उतरती है तो विभाग उस दुकान को भी बंद करवा सकता है। इतना ही नहीं, एच-वन यानी नशीली दवाइयों की श्रेणी में शामिल दवाइयों की बिक्री का रिकॉर्ड भी बारीकी से देखा जा रहा है। इस श्रेणी में शामिल दवाई को मरीज को देते समय केमिस्ट को मरीज का पूरा नाम पता अपने पास लिखना होगा। डॉक्टर की पर्ची का नंबर भी अपने रजिस्टर पर अंकित करना होता है। ऐसा नहीं करने वाले केमिस्ट के ड्रग लाइसेंस भी रद्द हो सकते हैं। इसके लिए विभाग ने पहले ही सभी केमिस्टों को चेतावनी जारी कर दी थी। ऐसे में अब केमिस्टों की दुकानों में नशीली दवाइयों की बिक्री और उसके रिकॉर्ड को जांचा जा रहा है। पहले भी विभाग शहर के आधा दर्जन केमिस्टों के ड्रग लाइसेंस छह माह के लिए सस्पेंड कर चुका है। ऐसे में केमिस्टों को यही डर लगा हुआ है कि यदि उनकी दुकान में कोई खामी मिली तो उन पर भी विभाग कार्रवाई कर सकता है। निरीक्षण के दौरान जहां दवाइयों की गुणवत्ता जांच को लेकर जरूरत महसूस की जा रही है, वहां पर विभागीय टीम दवाइयों के सैंपल भी एकत्रित कर रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विपन ठाकुर ने बताया कि जिले की सभी दवाई की दुकानों की जांच की जा रही है जिससे इन दुकानों में बिकने वाली दवाइयों की गुणवत्ता और उनके क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड जांचा जा सके।