मेहनत और तकनीकी हुनर के दम पर हमीरपुर के एक छात्र ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने उसके परिवार के साथ-साथ संस्थान का नाम भी रोशन किया है। राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर (बड़ू) में कंप्यूटर साइंस के पांचवें सेमेस्टर में पढ़ रहे सर्वेश शर्मा अब भारतीय सेना की बॉर्डर सर्विलांस जरूरतों से जुड़े एक ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेश के प्रोजेक्ट के लिए रक्षा मंत्रालय के डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन (DIO) और इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (iDEX) के तहत 3.50 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर हुई है। रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोडक्शन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं iDEX के सीईओ दिनेश माहौर ने सोमवार को बजट को मंजूरी दी।
सर्वेश का प्रोजेक्ट भारतीय सेना की सीमा निगरानी से जुड़ी तकनीकी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रस्तावित ड्रोन को इस तरह विकसित करने का लक्ष्य है कि वह दुश्मन के राडार और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से प्रभावित न हो। हालांकि, इन क्षमताओं की वास्तविक पुष्टि ड्रोन के विकास और परीक्षण के बाद ही होगी।
50 टीमों के बीच जीता था चौथा पुरस्कार
सर्वेश ने आईआईटी जोधपुर और कोनार्क कोर की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ओपन कार्ड-बोर्ड ड्रोन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों की करीब 50 टीमों ने भाग लिया था। इसी प्रतियोगिता के दौरान भारतीय सेना की बॉर्डर सर्विलांस से जुड़ी तकनीकी चुनौती पर भी चर्चा हुई। सर्वेश की टीम ने प्रतियोगिता में चौथा पुरस्कार हासिल किया, जिसकी राशि 10 लाख रुपये थी।
इसके बाद सर्वेश ने सेना की इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती स्तर पर प्रोजेक्ट तैयार करने में करीब 87 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बाद उन्होंने डीआईओ और iDEX के तहत स्टार्टअप प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।