डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में प्रथम वर्ष के एक विद्यार्थी से कथित रैगिंग का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एंटी रैगिंग कमेटी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, द्वितीय वर्ष के सात विद्यार्थियों की भूमिका जांच के दायरे में है।
कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की मेंबर सेक्रेटरी को ईमेल के माध्यम से शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य डॉ. रमेश भारती की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक बुलाई गई। इसके बाद शिकायत की सत्यता जानने के लिए विद्यार्थियों से बातचीत की गई।
शिकायत में सीनियर विद्यार्थियों पर आरोप
शिकायत में द्वितीय वर्ष के कुछ विद्यार्थियों पर प्रथम वर्ष के एक छात्र को कथित तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रशासन मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। जांच के दौरान विद्यार्थियों से अलग-अलग बातचीत कर शिकायत में सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना किस स्थान पर हुई और छात्र के साथ किस तरह की प्रताड़ना किए जाने का आरोप है।
पहले भी विद्यार्थियों से की गई पूछताछ
मामले को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों में कमेटी की ओर से कई विद्यार्थियों से पूछताछ किए जाने का उल्लेख है। एक रिपोर्ट में सात सीनियर विद्यार्थियों की भूमिका जांच के दायरे में होने की जानकारी दी गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में 10 विद्यार्थियों से बातचीत किए जाने और उनमें से नौ के रैगिंग से इनकार करने की बात कही गई है। इन विवरणों में अंतर को देखते हुए जांच के दायरे में शामिल विद्यार्थियों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल किसी विद्यार्थी को दोषी घोषित नहीं किया गया है।
दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
प्राचार्य डॉ. रमेश भारती के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक की गई और विद्यार्थियों से बातचीत कर मामले को सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में कोई विद्यार्थी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निष्कासन जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए सलासी, बड़ू और दोसड़का स्थित निजी भवनों में चार हॉस्टल संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है। इन हॉस्टलों में विद्यार्थियों की निगरानी के लिए वार्डन तैनात हैं। हालांकि, कथित घटना किसी हॉस्टल में हुई या किसी अन्य स्थान पर, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल एंटी रैगिंग कमेटी की जांच जारी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।