हमीरपुर। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में तीन माध्यमों से हाजिरी लगाई जा रही है। हाजिरी को लेकर एक उपकरण की स्पष्ट गाइडलाइन न होने से शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षक हाजिरी की व्यवस्था में उलझ गए हैं। स्कूल स्तर पर शिक्षक पहले स्विफ्ट चैट, बायोमीट्रिक और बाद में ऑफलाइन रजिस्टरों का प्रयोग कर रहे हैं। पूर्व में जहां एक माध्यम से आसानी से हाजिरी लग जाती थी। अब दो ऑनलाइन माध्यमों का प्रयोग होने से हाजिरी लगाने में काफी समय लग रहा है। कुछेक स्कूलों में स्टाफ अधिक होने के कारण शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
डेढ़ वर्ष पूर्व शिक्षा निदेशालय की ओर से सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों का प्रयोग करने के निर्देश जारी किए गए। निर्देशों के अनुसार स्कूलों में मशीनों से हाजिरी लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया लेकिन बीते सत्र 2024-25 में शिक्षा विभाग की ओर से विद्या समीक्षा केंद्र एप को लांच किया गया और एप से हाजिरी का कार्य शुरू किया गया ताकि स्कूल स्तर पर हाजिरी की पारदर्शिता बनी रहे। एप पर हाजिरी का कार्य शुरू होने के बाद मशीनों को हटाने के संदर्भ में कोई भी निर्देश जारी नहीं हुए। ऐसे में शिक्षकों को मजबूरन तीन माध्यमों का प्रयोग करना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि जिलेभर के छह शिक्षा खंडों के 460 स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित की गई हैं। अधिकांश मशीनें खराब व नेटवर्क की स्थिति में नहीं है। ऐसे में शिक्षकों को हाजिरी लगाने के लिए मशीनों की मरम्मत का कार्य निजी तौर पर करना पड़ रहा है। विभाग की ओर मशीनों को हटाने के लिए कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं है।
शिक्षकों को स्विफ्ट चैट पर हाजिरी लगाने के निर्देश हैं। मशीनों में हाजिरी लगाने के लिए कोई भी निर्देश नहीं है। स्कूलों में केवल स्विफ्ट चैट एप से ही शिक्षकों व विद्यार्थियों की हाजिरी लगेगी। खराब मशीनों को शिक्षक खंड स्तर पर जमा करवा सकते हैं।
-कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर