धिरड़ पंचायत में फलदार पौधे लेते हुए ग्रामीण। स्रोत : जागरूक पाठक
जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज की छह पंचायतों में बरसात के मौसम में तीस कनाल भूमि पर आठ हजार फलदार व अन्य प्रकार के पौधे लगेंगे। केंद्र सरकार की वित्त पोषित वाटरशेड परियोजना के तहत भोरंज ब्लॉक की 39 ग्राम पंचायतों में से छह पंचायतों को पौधे लगाने के लिए शामिल किया गया।
इनमें जाहू, भलवानी, बड़ैहर, धमरोल, धीरड़ व कक्कड़ पंचायत शामिल हैं। खाली और बंजर पड़ी भूमि का हरा-भरा बनाने के लिए आम, लीची, अमरूद, पपीता, अनार, किन्नू, मालटा, जामुन और अन्य प्रजाति के पौधे स्थानीय किसानों को वितरित किए जाएंगे।
पंचायत के लोगों को पौधे बांटने के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने छह लाख रुपये के पौधों की मांग बागवानी विभाग से की थी। अब पौधे आना शुरू हो गए हैं।
वाटरशेड परियोजना का कार्य देख रही खंड कनिष्ठ अभियंता अनुराधा कंवर ने बताया कि कुछ पंचायतों में पौधे बांटे जा चुके हैं, जबकि अन्य पंचायतों को पौधे दिए जा रहे हैं। वाटरशेड परियोजना के तहत प्रत्येक पंचायत की पांच कनाल खाली व बंजर पड़ी भूमि में हरियाली आएगी। संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों व पंचायत सचिवों का सहयोग लिया जा रहा है।
खंड़ विकास अधिकारी भोरंज कुलवंत सिंह ने बताया कि वाटरशेड परियोजना के तहत छह पंचायतों में विभिन्न विकास कार्य चले हुए हैं। बरसात के मौसम में पंचायतों को करीब आठ हजार पौधों का वितरण किया जा रहा है।