जाहू (हमीरपुर)। खेतीबाड़ी के लिए अब बैलों की जगह ट्रैक्टर और पावर टिलरों ने ले ली है। इसके चलते केंद्र और प्रदेश सरकारें कृषि विभाग के माध्यम से कृषि उपकरणों की खरीद पर अनुदान प्रदान कर रही हैं। सूबे में कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से ट्रैक्टरों और पावर टिलर की खरीद पर किसानों को 50 फीसदी अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस बार ट्रैक्टरों और पावर वीडर की खरीद के लिए 5.24 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश में 3,685 किसानों ने छोटे और बड़े ट्रैक्टरों के लिए विभाग में अनुदान के लिए आवेदन किया है।
309 किसानों के खाते में दो करोड़ 65 लाख 70 हजार 933 रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदेश कृषि विभाग की तरफ से डाल दी गई है। इस 2.65 करोड़ रुपये की राशि से 329 ट्रैक्टर व पावर टिलर खरीदे गए हैं। शेष आवेदनकर्ता किसानों को भी अनुदान का लाभ अक्तूबर के अंत का पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित किया गया है। 123 आवेदन फार्म रद्द भी किए गए हैं। रद्द होने का कारण ऑनलाइन फार्म में त्रुटि और कुछ किसानों की ओर से आवेदन करने के बाद सुविधा का लाभ लेने से इंकार करना रहा है। बता दें कि सूबे में अगस्त माह से छोटे ट्रैक्टर पावर वीडर और बड़े ट्रैक्टर की अनुदान राशि के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला है और कृषि विभाग की ओर से दो माह के भीतर जिन किसानों ने ट्रैक्टर के अनुदान के लिए आवेदन किया था, उन्हें 2 करोड़ 65 लाख 70 हजार 933 रुपये का अनुदान एक माह के भीतर डालकर मिसाल पेश की है। अक्तूबर में अनुदान राशि का बजट ट्रैक्टर खरीदने वाले किसानों के खाते में डालने का लक्ष्य है। इसके बाद जो किसान अनुदान से वंचित रहेंगे, उनके लिए सरकार की ओर से दोबारा बजट का प्रावधान करवाया जाएगा।
उधर, कृषि निदेशालय के एसएमएस अधिकारी पवन सैनी ने कहा कि प्रदेश में कृषि ट्रैक्टरों पर अनुदान के रूप में पांच करोड़ 24 लाख रुपये के बजट का प्रावधान है। दो करोड़ 65 लाख 70 हजार 933 रुपये अनुदान राशि को कृषि ट्रैक्टर खरीदने वाले किसानों के खाते में डाला गया है। (समाचार : सोनम शर्मा)