हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर में सरकारी स्कूलों पर संकट खड़ा हो गया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 62 प्राथमिक स्कूलों में एक भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया है। वर्तमान में जिला हमीरपुर में 470 प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। छह शिक्षा खंडों में विभाजित जिला हमीरपुर में सत्र 2023-24 में पांच, जबकि दो वर्षों में 20 प्राथमिक स्कूल बंद हो चुके हैं। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र में 62 अतिरिक्त प्राथमिक स्कूलों में एक भी विद्यार्थी का दाखिला न होना शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। शिक्षकों को स्कूलों के बंद होने का खतरा सताने लगा है। हालांकि, स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अभियान शुरू किया गया था लेकिन इसका असर कुछेक स्कूलों पर ही हो पाया है। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से नए सत्र में बाल वाटिका सहित खेल गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए हैं ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाया जा सके। लेकिन, 185 प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों और 158 प्राथमिक स्कूलों में एक-एक शिक्षक पर छह कक्षाओं का कार्यभार होने के कारण अभिभावक बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है और स्कूलों के बंद होने का खतरा बना हुआ है।
ब्यान:
जिले के 470 प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। वहीं, रिक्त पदों वाले स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक भेजे जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दाखिल कराने का आग्रह किया है।
अशोक कुमार, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर।