हमीरपुर। प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन डिप्लोमा इंजीनियरों की अनदेखी कर रहा है। बोर्ड में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को नहीं भरा जा रहा है, जिसके चलते कई कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
यह बात हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दिलीप सिंह ढटवालिया ने हमीरपुर के डुग्घा में आयोजित एसोसिएशन की राज्य स्तरीय बैठक में कही।
दिलीप सिंह ढटवालिया ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों के पदोन्नति के अवसरों में कटौती की जा रही है। डिप्लोमा कैडर के पद भी रिक्त चल रहे हैं और नई नौकरियों के अवसर खोलने के बजाय बंद किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आईटीआई, डिप्लोमा और ग्रेजुएट तीन स्तरीय व्यवस्था के तहत डिप्लोमा धारकों की ही अनदेखी हो रही है। इससे डिप्लोमा इंजीनियरों में प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
एसोसिएशन ने बैठक के माध्यम से प्रदेश सरकार से मांग की कि डिप्लोमा इंजीनियरों के लिए रिक्त पदों को भरा जाए और रोजगार एवं पदोन्नति के बंद पड़े अवसरों को दोबारा खोला जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिल सके।
बॉक्स
एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन, विजय बने राज्य अध्यक्ष
बैठक के बाद डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस दौरान इंजीनियर विजय पटियाल को राज्य अध्यक्ष तथा इंजीनियर राजेश भारद्वाज को महासचिव चुना गया। अन्य पदाधिकारियों में इंजीनियर अक्षय कुमार (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), इंजीनियर राम सिंह (उपाध्यक्ष), इंजीनियर सुनील कुमार (वित्त सचिव), इंजीनियर सुनील दत्त (प्रकाशन सचिव), इंजीनियर नरेश रानौत (अतिरिक्त महासचिव) तथा इंजीनियर संजय कुमार (मुख्य संगठन सचिव) शामिल हैं।