हमीरपुर। गलत तरीके से बीपीएल का प्रमाण पत्र बनाकर जलशक्ति विभाग में सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायत उपायुक्त हमीरपुर से की गई है। शिकायतकर्ताओं ने शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को भी भेजी हैं। शिकायतकर्ता अमन ठाकुर, पवन कुमार और अनूप शर्मा ने बताया कि जिला हमीरपुर का एक दंपती लंबे समय तक निजी स्कूल में सेवारत रहा। पति स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर रहकर 2.04 लाख रुपये, जबकि पत्नी पीजीटी के पद पर सेवारत रहकर 1.20 लाख रुपये वार्षिक वेतन लेती रही हैं।
वहीं, लाभार्थी व्यक्ति की माता भी सरकारी विभाग से अच्छी खासी पेंशन लेती रही हैं। पंचायत ने भी साजिश के तहत इकलौते बेटे को मां से अलग करके दो राशन कार्ड बनाकर इन्हें बीपीएल सूची में शामिल कर लाभ पहुंचाने का काम किया है। जबकि बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए परिवार के समस्त सदस्यों की वार्षिक आय समस्त साधनों से 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाया है जब बीपीएल में शामिल होने के लिए सरकार ने आय की शर्त निर्धारित कर रखी है तो पंचायत ने कैसे इस परिवार को बीपीएल सूची में शामिल कर दिया। शिकायतकर्ताओं के आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। उधर, उपायुक्त हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।