हमीरपुर। दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के लिए चार गुना चार सौ रिले रेस में स्वर्ण पदक जीतने वाली मनीषा का गृह जिला हमीरपुर में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। होम ग्राउंड अनु सिंथेटिक ट्रैक में पहुंचने पर मनीषा को परिवारजनों और स्थानीय खिलाड़ियों ने पलकों पर बैठाया।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष नरेंद्र अत्री, साई एक्सीलेंस स्पोर्ट्स सेंटर की कार्यकारी प्रभारी ओलंपियन दिव्या और जिला खेल अधिकारी विवेक वर्मा भी मौजूद रहे। इस मौके पर मनीषा के पिता रमेश चंद और कोच राजेंद्र धीमान का भी अभिनंदन एवं स्वागत किया गया।
मनीषा ने इस मौके पर मौजूद खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। सामाजिक संस्था यस की ओर से अध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने मनीषा, उनके पिता रमेश चंद और कोच राजेंद्र धीमान को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। नरेंद्र अत्री ने कहा कि मनीषा ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपना लक्ष्य पूरा किया है, बल्कि अपने गांव, जिला, प्रदेश व देश का सम्मान बढ़ाया है।
नरेंद्र अत्री ने इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के खेलों के उत्थान में दिए योगदान को याद किया, जिन्होंने लगभग 15 वर्ष पूर्व 2011-12 में हमीरपुर और धर्मशाला में लगभग 10-10 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ट्रैक बनवाकर स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा प्रदान की।
इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय कोच प्रेम ठाकुर, जॉनी चौधरी, संजीव कुमार, नेहा, मंजू, पिंकी, हरप्रीत, फुटबाल संघ की कोषाध्यक्ष नरेश राणा, एचपीसीए सदस्य दिनेश ठाकुर और कपिल शामा सहित कई लोग मौजूद रहे।
ओलंपिक में मेडल जीतना लक्ष्य : मनीषा
मनीषा ने कहा कि अपने कोच, परिवार की बदौलत ही आज यहां पर पहुंची हूं। उन्होंने नशे के बढ़ते चलन पर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिंदगी में कोई मुकाम हासिल करना है तो मेहनत बहुत जरूरी है। वर्ष 2028 में ओलंपिक खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करना ही लक्ष्य है।
बेटी की सफलता से परिवार खुश : रमेश
मनीषा के पिता रमेश चंद ने कहा कि स्कूल समय से ही मनीषा ने खेलों में रुचि दिखाई है और आज मनीषा की मेहनत रंग लाई है। इससे पूरा परिवार खुश है। मनीषा के कोच राजेंद्र सिंह ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मनीषा कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में मेडल जीते यही कामना है।