केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग में भाग लेते विभिन
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हमीरपुर। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले मंत्री अनुराग ठाकुर ने की। इसमें समिति से संबंधित विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की गई। ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। यह महामारी बहुत बड़ी चुनौती लेकर आई है, मगर हमें अन्य बीमारियों से संबंधित उपचार के लिए सेवाएं प्रदान करने के लिए भी निरंतर प्रयास करने चाहिए। जिले में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 81 लाख रुपये की मुआवजा राशि का आकलन किया गया है। इसी प्रकार हिमकेयर योजना के अंतर्गत लगभग तीन करोड़ 53 लाख रुपये की मुआवजा राशि व्यय की जा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे विभिन्न रोगों के उपचार में लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य करें, ताकि टीबी, एड्स, नशामुक्ति इत्यादि के क्षेत्र में समयबद्ध परिणाम प्राप्त किए जा सकें। कोरोना संकट से निपटने के लिए सांसद निधि से प्राप्त 15 लाख की राशि पीपीई किट्स, मास्क और सैनिटाइजर इत्यादि पर खर्च की गई है। जलशक्ति विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा गया कि जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस वित्त वर्ष में 13 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। जिला में भू-जल संरक्षण एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत वर्ष 2019-20 में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से 749 कार्य पूर्ण किए गए, जबकि वर्ष 2020-21 में अभी तक लगभग बीस लाख रुपये व्यय कर 287 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिला में कूड़ा-कचरा निस्तारण के लिए एक संयुक्त डंपिंग स्थल एवं संयंत्र की संभावनाएं तलाशें। उद्योग विभाग को भी स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करते हुए एक विशेष उत्पाद विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने नगर परिषद हमीरपुर के टाउन हॉल के जीर्णोद्धार का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। जिला परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भी बहुमूल्य सुझाव दिए।