नादौन स्कूल में नृत्य सीखतीं छात्राएं। -स्रोत : संस्थान
नादौन (हमीरपुर)। मीराबाई की 525वीं जयंती के अवसर पर, संगीत नाटक अकादमी, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से ‘कला धरोहर’ नामक एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई। यह कार्यशाला राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नादौन में सोमवार को आरंभ हुई।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय से पश्चिमी इतिहास में स्नातकोत्तर, प्रशिक्षित कथक नर्तक, शिक्षक और कोरियोग्राफर कल्पना वर्मा ने प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने छात्राओं को भारतीय कला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। इस अवसर पर उनके सहयोगी नृत्य प्रशिक्षक अनुकृति विश्वकर्मा, तबला वादक जहीन खान और गायक जाकी अहमद भी उपस्थित रहे।
छात्राओं ने इस प्रशिक्षण में उत्साह से भाग लिया और कथक की बारीकियों को सीखा। कल्पना वर्मा ने कथक के विभिन्न स्वरूपों और तकनीकों के बारे में जानकारी दी, जिससे छात्राओं में नृत्य की कला के प्रति गहरी रुचि जागृत हुई।
इस पहल का उद्देश्य मीराबाई की कला और संस्कृति को जीवित रखना, साथ ही युवा पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत के महत्व से अवगत कराना है। कार्यशाला में भाग लेने वाली छात्राओं ने इसे एक अद्भुत अवसर बताया, जिसने उन्हें भारतीय कला के प्रति एक नई दृष्टि प्रदान की। दो दिवसीय कार्यशाला का समापन मंगलवार को होगा।