किरवीं की बनीता घर पर सिलाई करते हुए। संवाद
हमीरपुर। किरवीं गांव की बनीता ने अपनी मेहनत और हुनर से न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। सीमित साधनों से सिलाई का काम शुरू करने वाली बनीता आज घघरी सूट और पेंसिल किट तैयार कर हर महीने अच्छी आमदनी कमा रही हैं।
इस प्रकार छोटे-छोटे उत्पादों ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया, बल्कि उनके सपनों को भी नई उड़ान दी। बनीता ने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से घर पर ही काम शुरू किया। शुरुआत में रिश्तेदारों के कपड़े सिलने से काम शुरू किया और धीरे-धीरे अपना काम बढ़ाया।
आज वह विशेष रूप से डिजाइनर घघरी सूट बनाती हैं, जो स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इसके अलावा, वह पेंसिल किट भी तैयार करती हैं, जिन्हें स्कूली बच्चों और अभिभावकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।
इससे बनीता के उत्पादों की मांग आसपास के गांवों और कस्बों में भी बढ़ रही है। उनकी आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है और वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उनकी सफलता का श्रेय केवल उनकी मेहनत को जाता है। ऊंची उड़ान योजना के तहत उन्हें सिलाई मशीन प्रदान की गई, जिसने उनके काम को गति देने में अहम भूमिका निभाई। इस सहायता से वह अपने काम को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ा पा रही हैं। उनकी सफलता से न केवल उनका परिवार लाभान्वित हुआ है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं में भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा जागृत हुई है।
किरवीं की बनीता घर पर सिलाई करते हुए। संवाद