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Hamirpur (Himachal) News: बाबा बालक नाथ में कूड़े की समस्या बनी मुसीबत

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वर्षों बाद भी मंदिर में नहीं बन पाई कूड़ा डंपिंग साइट
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मंदिर के साथ पहाड़ी पर कचरा फेंक रहे दुकानदार, महामारी फैलने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। वर्षों बाद भी उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में कचरे की समस्या मुसीबत बनी हुई है। करोड़ों की आय होने के बाद भी मंदिर परिसर में कूड़ा निष्पादन केंद्र नहीं बन पाया है। ऐसे में मंदिर के साथ लगती पंचायतों के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्येक वर्ष मंदिर न्यास की बैठक में कचरा प्रबंधन पर ठोस नीति बनाने के लिए चर्चा होती है ताकि कचरे का उचित निपटारा किया जा सके लेकिन अभी तक मंदिर न्यास की ओर से कचरा प्रबंधन को लेकर कोई भी कार्य नहीं कराया गया है। इससे मंदिर परिसर के चारों ओर गंदगी का माहौल है। स्थानीय लोगों सुदेश कुमार, चैतन्य, बलराम, बासुदेव शास्त्री, डिंंपल आदि ने कहा कि मंदिर में चैत्र के मेलों के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इसी के साथ वर्ष भर भी मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है लेकिन मंदिर न्यास की ओर से कचरा प्रबंधन को लेकर कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे मंदिर में श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर के साथ लगते बाजारों के दुकानदार पहाड़ी पर कचरा फेंकते हैं। इससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर वे कई बार मंदिर न्यास से मिल चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का कोई भी समाधान नहीं हो पाया है। इस बारे में न्यास अध्यक्ष व एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम ने कहा कि न्यास की ओर से सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, जो बस स्टैंड से लेकर अपर बाजार की सफाई का कार्य देखते हैं। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा फेंकने के लिए बड़े-बड़े कूड़ेदान रखे गए हैं। इन्हें हर रोज खाली किया जाता है।
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