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बड़सर के स्वतंत्रता सेनानी नहीं रहे, सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

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मृतक स्वतंत्रता सेनानी हरि राम का फाइल फोटो - फोटो : Hamirpur-HP
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गलोड़/बड़सर (हमीरपुर)। स्वतंत्रता सेनानी पंडित हरी राम का 105 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनके पुत्र ने नौहल गांव के श्मशानघाट में मुखाग्नि दी। इससे पहले एसएचओ बड़सर मस्त नायक के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पंडित हरी राम की शवयात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए। बड़सर उपमंडल के छोटे से गांव नौहल के मूल निवासी पंडित हरी राम ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया था। वह आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
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हरी राम जब पाकिस्तान के लाहौर में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे तो उस दौरान सत्याग्रह के आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। जिस कारण कई दिनों तक अंग्रेजों ने उन्हें जेल में डाल दिया था। इस मौके पर बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र जार, नायब तहसीलदार बड़सर बीरबल, पुलिस अधिकारी, ग्राम पंचायत ननावां के प्रधान राकेश कुमार, उपप्रधान शाम लाल, भगवान दास, केपी शर्मा, नरेश कुमार, तेजनाथ, मदन सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उधर, जिला हमीरपुर स्वतंत्रता सेनानी आश्रित परिवार कल्याण संघ ने स्वतंत्रता सेनानी हरी रात के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। संघ के प्रधान पुरुषोत्तम कालिया, महासचिव हरीश गुप्ता, हमीरपुर के प्रधान नरेश शर्मा सहित अन्य ने उनकी मौत पर दुख प्रकट किया है।
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