हमीरपुर। सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा में तीन दिसंबर को आठवीं कक्षा के छात्र के साथ पेश आए रैगिंग के मामले में अब चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। शुरू से संदेह के दायरे में रहे इस मामले की जांच में आरोपी वार्डन अभी तक शामिल हुए हैं अथवा नहीं, इस पर संशय बरकरार है।
पुलिस अधिकारी भी इस विषय की जारी जांच में जवाब देने से बच रहे हैं। अब यह भी तथ्य सामने आए हैं कि जांच की जद में आए छह सीनियर छात्रों में से चार इस साल एनडीए परीक्षा क्वालिफाई कर चुके हैं। यानी जिन छात्रों पर गंभीर आरोप लगे, उनका सेना में अधिकारी बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा को एनडीए की नर्सरी कहा जाता है, ऐसे में बच्चों का चयन हैरान करने वाला नहीं, बल्कि इन बच्चों पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं।मामले की जांच फिलहाल बड़े संशयों से भरी हुई है। बड़ा सवाल यह है कि दो वार्डन, जिन पर सीधे आरोप लगाए गए थे, उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, इस पर स्कूल प्रबंधन पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है।
जिला चंबा के रहने वाले आठवीं कक्षा के छात्र ने जमा दो में पढ़ने वाले छह सीनियर छात्रों और दो वार्डनों पर मारपीट और शारीरिक छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर सुजानपुर पुलिस थाने में एंटी-रैगिंग और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। छहों छात्रों से उनके अभिभावकों की मौजूदगी में पूछताछ हो चुकी है, जबकि बाल संरक्षण इकाई भी पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। शिकायतकर्ता छात्र से भी बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद अब तक न तो जांच का निष्कर्ष सामने आया है और न ही वार्डनों की भूमिका को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट की गई है। पुलिस ने उनसे पूछताछ की या नहीं, स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए, इन अहम सवालों पर हर स्तर पर खामोशी है।