हमीरपुर। मेडिकल काॅलेज हमीरपुर में योग टीचर की नियुक्ति पर पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सवाल उठाए हैं। हमीरपुर में प्रेसवार्ता कर उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने चहेते के परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष पद सृजित किया गया।
इस पोस्ट के लिए जो योग्यता और शर्तें रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि ये शर्तें दूसरे अभ्यर्थियों के लिए पूरा करना सरल नहीं था। आज तक किसी भी मेडिकल काॅलेज में योग टीचर की नियुक्ति नहीं की गई है, लेकिन यह अपने आप में पहला और अनोखा मामला है। भोरंज के विधायक सुरेश कुमार के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वह अब व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। वह खुद एक्सीडेंटल विधायक हैं। सुरेश कुमर यह बताएं कि विधायक बनने से पहले कितने लोगों से पैसे लिए। 138 के तहत उनको कितने नोटिस जारी किए और कितने चेक बाउंस हुए। पेट्रोल पंप के नाम पर 27 लाख का लोन वन टाइम सेटलमेंट के तहत 15 लाख में सेटल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आखिर क्या विधायक बनने के तुरंत बाद वह एकदम से अमीर लोगों की श्रेणी में शुमार हो गए हैं और इतना खजाना मिल गया।
राण ने भोटा चैरिटेबल अस्पताल के मामले पर सीएम सुक्खू से आग्रह किया है कि यह आम लोगों से जुड़ा हुआ मुद्दा है और सरकार जनहित को देखते हुए इसमें सही निर्णय ले, ताकि यह अस्पताल यहां से शिफ्ट न हो और लोगों को लाभ मिलता रहे।