वन परिक्षेत्र बिझड़ी के अंतर्गत लगी आग को बुझाते ग्रामीण। संवाद
हमीरपुर। वन मंडल हमीरपुर के तहत पिछले कई दिनों से जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। जगलों के आग की राख उड़ कर मुख्यालय स्थित शहर तक पहुंच रही है। वन विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों के कार्यालय शहर में स्थित है। जंगलों की राख इन कार्यालयों तक पहुंच कर जल रहे बेजुबान वन्य प्राणियों के उजड़ते आशियानों की गवाही दे रहे हैं लेकिन चुनाव आचार संहिता में मानों पर्यावरण की चिंता ही गायब हो गई हो।
प्रदेशभर में अभी तक के फायर सीजन में हेक्टेयर के लिहाज से सबसे अधिक जंगल हमीरपुर मंडल में ही जले हैं। दूसरे नंबर पर बिलासपुर, तीसरे पर धर्मशाला मंडल है। खास बात यह है कि प्लांटेशन का क्षेत्र सबसे अधिक जला है। हमीरपुर जिला में 381 हेक्टेयर एरिया को आग ने चपेट में ले लिया है, इसमें से 85 हेक्टेयर ऐसा है कि जिसमें प्लांटेशन की गई है। ऐसे में करोड़ों की वन संपदा राख होने के साथ सरकारी पैसा भी राख हो गया है जो कुछ माह पूर्व पर्यावरण की बेहतरी के नाम पर खर्च किया गया है। जिला हमीरपुर के जंगलों में आग की अबतक 40 घटनाएं सामने आ चुकी है। बीते रविवार को बारिश के चलते कुछ हद तक दहकते हुए जंगलों में आग काबू हुई थी लेकिन सोमवार से जिला के विभिन्न हिस्सों में जंगल दहक रहे है। मुख्यालय के साथ लगते मसयाणा के जंगल का काफी बड़ा हिस्सा आग की भेंट चढ़ गया है। इस आग से राख हुई संपदा के अवशेष हवा के साथ शहर तक पहुंच रहे हैं। बिझड़ी, चबूतरा, मसयाणा व पटलांदर दो दिनों से लगातार जंगल दहक रहे हैं।
इन मंडलों में सबसे अधिक जले जंगल
मंडल
हेक्टेयर एरिया
हमीरपुर
381
बिलासपुर
229
धर्मशाला
222
अधिकारी बेखबर, फोन का भी जवाब नहीं
स्थानीय लोगों राजीव, अंकेश, सतीश, निक्का राम व विधि चंद ने कहा कि विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। हालात ऐसे हैं कि पिछले दो दिनों से एक नहीं बल्कि कई जंगल दहक रहे हैं। डीएफओ हमीरपुर की ओर से लोगों के साथ मीडिया कर्मियों फोन का जवाब भी नहीं दिया जा रहा है। जंगलों को आग से बचाने के विभाग के दावे जिला में हवाई साबित हो रहे हैं।
कोट
वन्य अरण्यपाल हमीरपुर निशांत ने कहा कि अधिकारी को फोन का जवाब देने के निर्देश दिए जाएंगे। इस बाबत उनसे बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाने के लिए विभाग कार्य कर रहा है। इस कार्य के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है।