वन विश्राम गृह भरेड़ी के समीप लकड़ी के भंडार में लगी आग। स्रोत : जागरूक पाठक
- फोटो : पोस्टमार्टम हाउस में रोते बिलखते मृतकों के परिजन। संवाद
भरेड़ी (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के तहत वन विश्राम गृह भरेड़ी के पास जंगल में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसने विभाग के लकड़ी के स्टोर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग के कारण स्टोर का छज्जा भी जल गया। हालांकि दमकल विभाग के कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। इस दौरान लाखों रुपये की लकड़ी के जलने की आशंका है। घटना सोमवार दोपहर की है, जब भरेड़ी के जंगल में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वन विभाग के स्टोर के आसपास रखी लकड़ी चपेट में आ गई। आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अथक प्रयासों से कुछ लकड़ी को जलने से तो बचा लिया लेकिन तब तक काफी वन संपदा राख हो गई थी। हालांकि आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। वन विभाग का मानना है कि यह घटना सुनिश्चित लग रही है, जिसमें असामाजिक तत्वों की भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर रेंजर अघार अंकुश सिंह, बीओ पवना कुमारी, वन रक्षक भरेड़ी योगराज सहित समस्त वन विभाग टीम भी पहुंच गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने जताई चिंता
जंगल में घटना के बाद वन्य जीव-जंतुओं, पक्षी रिहायशी इलाकों की ओर भागते देखे गए हैं। हवा की गति के कारण चीड़ की सूखी पत्तियों से आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे आग पर नियंत्रण पाना चुनौती बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी चिंता जताई है कि आग विकराल रूप ले रही है, यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो रिहायशी इलाकों तक भी इसका खतरा बढ़ सकता है।
चौकीदार का कमरा भी जला : अंकुश सिंह
वन विभाग अघार रेंज ऑफिसर अंकुश सिंह ने बताया कि वन विश्राम गृह में रखी लकड़ी जल गई है। लकड़ी को कॉरपोरेशन को सौंप दिया था लेकिन उन्होंने इसे समय पर नहीं उठाया। आग सड़क की ओर से कैसे लगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है। आगजनी से चौकीदार का कमरा भी थोड़ा जल गया है। कमेटी गठित की जाएगी। उसके बाद ही नुकसान का आकलन होगा।