लदरौर में अपनी नर्सरी में ग्राहक को फोटो दिखाते हुए विनय वर्मा। संवाद
हमीरपुर। बहरीन के एक होटल में नौकरी करते हुए सालाना 18 लाख रुपये का पैकेज पाने वाले लदरौर निवासी विनय वर्मा ने विदेश की नौकरी छोड़कर अपने गांव में फूलों की खुशबू से अपनी आर्थिकी को नई दिशा दी है।
विदेश की चमक-दमक और अच्छी तनख्वाह को छोड़कर उन्होंने स्वरोजगार का रास्ता चुना, जो आज उनकी पहचान के साथ-साथ आसपास के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। कोरोनाकाल के बाद सितंबर 2021 में घर लौटने पर उन्होंने भविष्य को लेकर निर्णय लिया और वर्ष 2022 में पिता के सहयोग से फूलों की नर्सरी शुरू की।
शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन परिवार और विशेषकर उद्यान विभाग से सेवानिवृत्त पिता के सहयोग से उनका हौसला बढ़ता गया। धीरे-धीरे उनकी नर्सरी में तैयार पौधों की मांग बढ़ने लगी और व्यवसाय ने रफ्तार पकड़ ली।
आज विनय देश के विभिन्न राज्यों जैसे पुणे, पंजाब, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से पौधे और बीज मंगवाकर नर्सरी में नई प्रजातियां विकसित कर रहे हैं। वर्तमान में विनय वर्मा अपनी नर्सरी से हर महीने लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर रहे हैं।