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ब्यास नदी ने नादौन में सरकार को लगाई एक करोड़ की चपत

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नादौन में ब्यास नदी के तेज बहाव के कारण उखड़े बिजली के खंभे को सीधा करते विद्युत बोर्ड के कर्मचार? - फोटो : Hamirpur-HP
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नादौन (हमीरपुर)। ब्यास नदी में आई बाढ़ ने विद्युत बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को करोड़ों की चपत लगाई है। नादौन क्षेत्र की पताजी पत्तन, टिल्लू सहित कोहला गांव में स्थापित 32 केवी बिजली सब स्टेशन के तार और खंभे ब्यास नदी में आई भयंकर बाढ़ की चपेट में आ गए। पेयजल योजनाओं के ध्वस्त होने से शहर में पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है। विभागीय अधिकारी शनिवार देर शाम से ही नुकसान का आंकलन करने में जुटे हुए हैं।
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नादौन शहर के लिए कोहला तथा वार्ड नंबर एक में बनाई गई सभी पेयजल योजनाएं नदी में आई बाढ़ में समा गई हैं। इन योजनाओं में गाद भर चुकी है। नुकसान का जायजा लगाकर जल शक्ति विभाग इन्हें पुन: चालू करने की कसरत में जुटा हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी तीन-चार दिन तक यह योजनाएं दिनरात मेहनत करने पर ही बहाल की जा सकेंगी।
ब्यास नदी किनारे स्थापित 32 केवी सब स्टेशनों के बाढ़ से प्रभावित होने के कारण नादौन क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप हो गई है। बिजली के खंभे और तार टूटने से विद्युत विभाग को करीब 85 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नादौन शहर के साथ ब्यास नदी किनारे बनी सड़क बाढ़ के पानी में समा जाने पर करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नादौन श्मशानघाट के डंगे भी धराशायी हो चुके हैं ओर इस स्थल पर करीब 4 से 5 फीट रेत तथा बजरी फैली हुई है। रविवार को नगर पंचायत नादौन के प्रधान तरुण कपिल और उपप्रधान योगराज ने श्मशानघाट स्थल का दौरा करके यहां हुए नुकसान का जायजा लिया है। वहीं बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता वतन सिंह ने बताया कि बाढ़ से पताजी पत्तन, टिल्लू तथा कोहला गांव में स्थापित 32 केवी सब स्टेशनों के प्रभावित होने पर करीब 85 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता देशराज कौशल ने बताया नदी किनारे बनी सड़क पर बाढ़ का पानी आने से विभाग को करीब 20 लाख का नुकसान हुआ है।
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