हमीरपुर। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही जिलाभर के जंगल दहकने लगे हैं। जिला में 350 हेक्टेयर जंगल राख हो चुके हैं। वन विभाग में जंगलों में आग लगने के अब तक 36 मामले दर्ज हो चुके हैं। जंगलों की आग के अलावा करीब एक दर्जन पशुशालाएं और आधा दर्जन से अधिक मकान जलकर राख हो गए हैं। अब तक गर्मियों के मौसम में वन संपदा, पशुशालाएं और मकान जलने से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
जिला मुख्यालय में स्थित बजूरी, खास ग्रां, हीरानगर, पक्का भरो आदि जंगल जलकर राख हो गए हैं। इसके अलावा बड़सर, बिझड़ी, अग्घार और कक्कड़ आदि वन बीटों में भी दर्जनों जंगल आग की भेंट चढ़ चुके हैं। वन संपदा से अब तक करीब तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं जंगलों की आग से कई पशुशालाएं और मकान भी आग की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लिया।
हाल ही में जंगल की आग से बजूरी में एक कॉलेज की शटरिंग जल गई थी। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू किया था। इसके अलावा करीब एक दर्जन पशुशालाएं भी आग की भेंट चढ़ चुकी हैं। इनमें एक मवेशी की जलकर मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया है। इतना ही नहीं गर्मियों के मौसम में शॉर्ट सर्किट आदि होने से आधा दर्जन से अधिक मकान आग की भेंट चढ़ चुके हैं। सबसे अधिक मकान उपमंडल सुजानपुर के अंतर्गत जले हैं। कुल मिलाकर अब तक आग से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
जंगलों में आग के 36 मामले दर्ज हो चुके हैं। करीब 350 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। इससे करीब तीन से चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
आरसी गोमा, डीएफओ, हमीरपुर
करीब एक दर्जन पशुशालाएं और आधा दर्जन से अधिक मकान आग की भेंट चढ़ चुके हैं। गर्मियों के मौसम में सबसे अधिक मामले जंगलों में आग के दर्ज हुए हैं।
संतराम ठाकुर, इंचार्ज दमकल विभाग, हमीरपुर।