हमीरपुर। घंटों मोबाइल चलाना, गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखना और गलत तरीके से सोने की आदत लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से गर्दन, कंधों और कमर में दर्द व मांसपेशियों में अकड़न की समस्या हो सकती है।
गलोड़ अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक ओपीडी होती हैं, जिनमें करीब 25 से 30 मरीज जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीज लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने और मोबाइल के अधिक इस्तेमाल की बात बताते हैं।
वहीं, ऊंचे या बहुत नीचे तकिए का इस्तेमाल, पेट के बल सोना और सर्दियों में शारीरिक गतिविधियां कम होना भी दर्द की परेशानी बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित हल्की कसरत, टहलना और शरीर को सक्रिय रखना राहत देने में मददगार हो सकता है।
गठिया या जोड़ों की समस्या से जूझ रहे लोगों को ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से मिलेगी राहत
चिकित्सक शारीरिक मुद्रा में सुधार करने, मोबाइल देखते समय गर्दन सीधी रखने और सोते समय आरामदायक स्थिति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार व्यायाम करना भी फायदेमंद हो सकता है। सोते समय ऐसा तकिया इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे गर्दन और रीढ़ की हड्डी को उचित सहारा मिले।
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जोड़ों का दर्द लगातार बना रहने और चलने-फिरने में परेशानी होने या दर्द बढ़ने पर इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने से समस्या के सही कारण का पता लगाने और उचित उपचार में मदद मिल सकती है।
-डॉ. सतीश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर