हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम को कांग्रेस सरकार के ढाई साल बीतने के बाद भी नियमित अध्यक्ष नहीं मिल सका है। एक बार फिर डीसी हमीरपुर को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में डीसी हमीरपुर अब कार्य करेंगे। इससे पहले यह चार्ज सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर मदनशील (सेवानिवृत्त) के पास था।
हाल ही प्रदेश सरकार की ओर से कर्नल पीएस अत्री (सेवानिवृत्त) को निगम के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है लेकिन अध्यक्ष पद पर नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी है। निगम पूर्व सैनिकों के कल्याण और दोबारा रोजगार से उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ करने का कार्य करता है। ऐसे में यहां पर स्थायी तैनाती न होने से निगम के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। निगम के चेयरमैन के अतिरिक्त पांच से छह नॉन ऑफिशियल मेंबर भी बनाए जाते हैं जिनकी मौजूदगी में बीओडी जैसी जरूरी बैठकों का आयोजन किया जाता है। लंबे समय से बीओडी की बैठक का भी पूर्व सैनिकों को इंतजार है। वर्तमान में करीब ढाई हजार पूर्व सैनिक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। विभिन्न सीमेंट कंपनियों में पूर्व सैनिकों के ट्रक भी कारपोरेशन के माध्यम से लगाए जाते हैं। निगम की स्थापना 1979 में हुई थी।
नियमित नियुक्त न होना कांग्रेस सरकार में आंतरिक असहमति
निगम के पूर्व सीएमडी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर, वाईएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि विशेष चिंता का विषय यह है कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से निगम में कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं है। निदेशक सैनिक कल्याण विभाग, ब्रिगेडियर मदनशील (सेवानिवृत्त) के पास अतिरिक्त प्रभार था, जिसे वे पूरी दक्षता से निभा रहे थे। उन्हें हटाकर पूर्व सैन्य अधिकारी को यह जिम्मा दिए जाने के बजाय प्रशासनिक अधिकारी को कार्यभार सौंपे जाने से पूर्व सैनिक वर्ग नाराज है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति न होना कांग्रेस सरकार में आंतरिक असहमति या फिर निगम की धनराशि के दुरुपयोग की आशंका को दर्शाती है। हिमाचल सरकार से इस निर्णय की दोबारा समीक्षा कर इस पद पर योग्य एवं अनुभवी सैन्य अधिकारी की नियुक्ति करे।